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पिया तोड़ दे बंधन आज, अब रुह मिलना चाहती है

Badaun Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
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उझानी। शनिवार को एक शाम श्री बांके बिहारी के नाम में विनोद अग्रवाल और बल्देव कृष्ण के भजनों की रसधार में कृष्णभक्त झूम उठे। पिया तोड़ दे बंधन आज, रुह अब मिलना चाहती है और मैं झांझर बजाऊंगी पर तालियों से पूरा परिसर गूंजने लगा। देर रात तक कृष्ण भक्त भजनों की गंगा में डूबते-उतराते नजर आए।
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पंडित भगवान दास पैलेस में रात करीब आठ बजे भजनों की रसधार सबसे पहले बल्देव कृष्ण ने बहानी शुरु की। उन्होंने हरि बोल के जयकारे के साथ जो भजन सुनाया वह कृष्णभक्तों का कर्णप्रिय लगा। फरमाइश पर पंजाबी अंदाज भी मनमोहक रहा। इसी के साथ विनोद अग्रवाल ने एक से चार-पांच भजन सुनाए। पिया तोड़ दे बंधन आज अब रुह मिलना चाहती पर झूमते वक्त महिला और पुरुष अपनी सुधबुध खो बैठे। उनकी लय और अंदाज के आगे हर कोई बेसुध दिखा। कृष्ण और राधा के भजनों से सराबोर लोग देर रात तक मंच के आगे ही नाचते रहे।

इससे पहले पूर्वमंत्री विमलकृष्ण अग्रवाल ने भजन गायक विनोद अग्रवाल और बल्देव कृष्ण का स्वागत किया। आयोजकों में शामिल किशनचंद्र शर्मा, राजन मेंदीरत्ता, अमरपाल सिंह रोंपी, आशीष सिंघल, दीपक गर्ग, अनिल माहेश्वरी, अजय कुमार गुप्ता और अरुण अग्रवाल का कृष्ण नाम की पट्टिका और राधा-कृष्ण की प्रतिमा बने प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया। व्यवस्थाओं में मधुर सपरा, विजय साहू, गौरव गर्ग, मनोज गोयल, रामचंद्र शर्मा, संजीव शर्मा, राजकुमार तुलस्यान, पंकज सचदेवा, मुकेश छाबडा, अंशुल छाबडा, सुनीत अग्रवाल और पंकज गुप्ता आदि का सहयोग रहा।

कृष्णभक्तों पर हुई इत्र-गुलाब जल की वर्षा
उझानी। भजन संध्या शुरु होने के साथ पांडाल में मौजूद कृष्णभक्तों पर गुलाब जल के इत्र की बरसात होने लग गई। इसकी महक भी भींगी-भींगी रही। इसके अलावा सेवादारों ने कृष्णभक्तों को जल मुहैया कराने से लेकर बैठाने तक में सहयोग करते वक्त छोटे-बड़े का भेद नहीं किया।

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