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पिटाई के डर से रची अपहरण की कहानी

Badaun Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। प्रियांश के अपहरण का प्रयास नहीं हुआ था। उसके पीछे न तो बदमाश लगे थे और न ही उसे कार में लेकर भागे थे। वह एग्जाम में फेल हो गया था। सो अभिभावकों की पिटाई के डर से अपहरण की कहानी उसने खुद ही गढ़ ली। ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि प्रियांश के पिता ने खुद पुलिस को यह बात लिखकर दी है। शनिवार को एसपी मंजिल सैनी ने इसी आधार पर घटनाक्रम का पटाक्षेप कर दिया है।
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जिक्र कर दें कि सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चाहमीर निवासी जयदीप रस्तोगी की हलवाई चौक में ज्वैलरी की दुकान है। बीती चार अक्तूबर को उनके 13 साल के बेटे प्रियांश ने परिवार के लोगों को फोन करके उसका अपहरण का प्रयास होने की बात कही थी। बकौल प्रियांश घर से दुकान की ओर जाते समय मढ़ई चौक के पास पहले से घात लगाए खड़े वैन सवार चार बदमाशों ने उसको अगवा कर लिया। श्यामनगर के पास अचानक वैन का दरवाजा खुला और वह बाहर आ गिरा।
इस घटना से सहमे परिवार के लोग उसे लेकर कोतवाली पहुंचे, यहां पुलिस ने जयदीप की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ अपहरण के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने मामले की विवेचना भी शुरू कर दी। इधर, प्रियांश का रिजल्ट आया तो कई विषयों में उसके मार्क्स कम मिले। शक होने पर जयदीप ने उससे पूछताछ की तो प्रकरण फर्जी निकला। एसपी मंजिल सैनी ने बताया कि जयदीप ने अपना लिखित बयान देकर इसका खुलासा किया है। उनके बयान के आधार पर मुकदमा एक्सपंज किया जाएगा।
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