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हाकिम नदारद, फरियादी परेशान

Badaun Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। जनता से मिलने का समय हर सरकारी कार्यालयों में निर्धारित है। सभी अफसरों ने अपने कार्यालय के बाहर बोर्ड भी लगा रखा है, लेकिन वह इसका पालन नहीं करते। शुक्रवार को विकास भवन में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। तमाम अधिकारियों की कुर्सियां खाली पड़ीं थीं और फरियादी उनको पूछते हुए भटक रहे थे।
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दिन में पौने 12 बजे मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की कुर्सी खाली थी। बाहर सैंजनी गांव के तीन लोग मातादीन, विनोद, विक्रम बैठे थे। पूछने पर बताया कि उनके गांव में एक-दो पशुओं में रोग फैला है। गलघोंटू के टीकाकरण के लिए आए थे, लेकिन अधिकारी नहीं होने से बात नहीं बन सकी। जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. आरती सिंह के कक्ष में भी सन्नाटा था, कुर्सी खाली थी। यहां भी जगत निवासी रामजीलाल, श्याम सिंह अफसर का इंतजार कर रहे थे। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का कमरा भी खाली पड़ा था। यही हाल उप निबंधक वीके सिंह के कक्ष का था। जिला पंचायत राज अधिकारी एके शाही भी अपने कक्ष में नहीं थे। अलबत्ता कुछ समय बाद 12.15 बजे वह अपनी कुर्सी पर बैठे दिखे। इससे पहले फरियादी जा चुके थे।

दोपहर 12 बजे से वीडियो कांफ्रेंसिंग चल रही थी, हो सकता है अधिकारी उसमें गए हों। इसके बारे में पता किया जाएगा। -प्रदीप कुमार सोम, जिला विकास अधिकारी

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