यह पेटी जो बंद रहती है

Badaun Updated Mon, 08 Oct 2012 12:00 PM IST
बदायूं। पेटिका में शिकायती पत्र डालने के बाद इस पर प्रतिक्रिया की उम्मीद न रखें। वजह है कि इन पेटिकाओं के अरसे से ताले नहीं खोले गए है। यह स्थिति सिर्फ पुलिस की ही नहीं दूसरे कई अन्य महकमों की भी है। खास यह है कि कई बार जरूरी सूचना होने के बाद भी आला अफसरों तक नहीं पहुंच पाती है।
जिले के नागरिकों की सुरक्षा का जिम्मा लेने वाली पुलिस के अनुसार फरियादी कोई भी सूचना जाहिर या गुप्त तरीके से दे सकता है। पुलिस इस पर एक्शन लेगी और मामले की बारीकि से जांच कराई जाएगी।
मगर, इसकी पोल उस वक्त खुलती है, जब फरियादी शिकायत पेटिका को उपयोग में लाता है। महीनों इंतजार करने के बाद भी उसे कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नजर नहीं आती है। वजह यह है कि इन पेटिकाओं के ताले ही नहीं खोले जाते। कई जगह तो तालों में जंग तक लगी नजर आती है। इससे जहां पेटिकाएं एक ओर बेमानी साबित हो रही हैं वहीं नागरिकों का उससे विश्वास भी उठ रहा है। पब्लिक और पुलिस के बीच जो बेहतर संवाद कायम करने की बात कही जाती है उसे भी झटका लगता है।
नहीं रिसीव होते फोन
जनता की समस्याएं सुनने को अधिकारियों के पास वक्त की गुंजाइश कम है। शायद इसीलिए अफसरों के सीयूजी फोन अक्सर नहीं उठते हैं।

Spotlight

Related Videos

सुबह तक की सारी खबरों का राउंड अप 19 जनवरी 2018

‘यूपी न्यूज’ बुलेटिन में देखिए उत्तर प्रदेश के हर गांव हर शहर की छोटी-बड़ी खबरें रोजाना सुबह 7 और शाम 7 बजे सिर्फ अमर उजाला टीवी पर। अमर उजाला टीवी पेज पर एक क्लिक पर जानिए यूपी की ताजा-तरीन खबरें और दें अपनी राय, सुझाव और कमेंट्स।

19 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper