गेहूं बीज के रेट पर ठगे गए अन्नदाता

Badaun Updated Wed, 03 Oct 2012 12:00 PM IST
बदायूं। जिला भले ही कृषि प्रधान हो, लेकिन सबसे अधिक अन्नदाता ही ठगे जाते हैं। रबी सीजन में गेहूं बीज वितरण में कुछ ऐसा ही हुआ। महकमे के अफसरों ने अपने चहेतों को बीज जहां सस्ता मुहैया कराया वहीं अन्य किसानों को महंगे रेट पर। 14 हजार क्विंटल बीज की खपत हुई। इस पर 700 रुपये अनुदान दिया गया।
पिछले साल अक्तूबर माह में किसानों के लिए गेहूं का बीज मुहैया कराया गया था। विभाग को इसकी मात्रा लगभग 20 हजार क्विंटल मिली। गेहूं का बीज 343, 502, 373, 550, 2382 आदि किस्मों के आए थे। प्रमाणित बीज और फाउंडेशन के बीज के रेट में अंतर था। किसानों को अक्तूबर माह में 2250 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं बीज दिया गया। तमाम किसानों को यह बीज वितरित हुआ। नवंबर आते-आते बीज के रेट कम हो गए और 1780 में बिकने लगा। किसानों का कहना है कि उन्हें पहले महंगा बीज दिया गया। जबकि अपनो को बाद में सस्ता दिया गया।

बोले किसान-अफसरों की मेहरबानी से मिलता है लाभ
मुड़सेना के किसान हीरालाल का कहना है कि हमें पहले महंगा बीज दिया गया। जबकि नवंबर में सस्ते रेट पर अन्य लोगों को बांटा गया। इसमें पक्षपात हुआ है।
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रेट होने थे समान
म्याऊ के किसान भूपेंद्र का कहना है कि गेहूं बीज के रेट समान होने थे। हमें महंगा बीज दिया गया। हर किस्म के रेट भी अलग थे। यह अधिकारियों की मेहरबानी है।

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