राजकीय छात्रावास की पूरी न हुई आस

Badaun Updated Tue, 25 Sep 2012 12:00 PM IST
बदायूं। सौ साल पहले बना राजकीय छात्रावास शिक्षा विभाग की अनदेखी के चलते जर्जर हो चुका है। निर्माण के बाद से अब तक एक बार भी इसकी मरम्मत केलिए बजट नहीं दिया गया। जिसके चलते अब यहां छात्रों को सिर छिपाने की जगह भी नहीं मिल पा रही है।
वर्ष 1912 में जिले में पहले इंटर कालेज राजकीय इंटर कालेज की स्थापना हुई। इसके साथ ही कालेज परिसर में ही एक छात्रावास का भी निर्माण हुआ। छात्रावास में 16 कमरे और कई हॉल भी हैं। राजकीय कालेज में पढ़ने वाले दूर दराज के छात्र इसी छात्रावास में रहकर पढ़ाई करते थे। छात्रों के छात्रावास के पास ही मैस की भी व्यवस्था थी। वर्ष 1985 तक इसका आवंटन छात्रों के लिए होता रहा लेकिन इसकी जर्जर हालत को देखते हुए इसके बाद से छात्रावास का आवंटन बंद कर दिया गया। अब यहां पढ़ने वाले छात्राें को खेड़ा नवादा स्थित अनुसूचित जाति छात्रावास और दातागंज तिराहा स्थित मौर्य शाक्य छात्रावास में रहते हैं या फिर किराये के कमरे लेकर काम चलाना पड़ता है।
छात्रावास की मरम्मत के लिए कई बार प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया, लेकिन बजट नहीं मिला। अब इसकी हालत ऐसी नहीं रही कि मरम्मत से काम चल सके। पूरे हॉस्टल का अब नए सिरे से ही निर्माण कराना होगा।
संत प्रकाश, प्रिंसिपल, जीआईसी

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