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रकम जारी, नहीं लगे वाटर प्यूरीफायर

Badaun Updated Wed, 12 Sep 2012 12:00 PM IST
बदायूं। जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए बेसिक स्कूलों में वाटर प्यूरीफायर लगाए जाने थे, लेकिन दो साल बाद भी बच्चों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हुआ। जल निगम को इसका जिम्मा सौंपा गया था। जिस संस्था को इसका टेंडर दिया गया वह कुछ विद्यालयों में सामान डालकर यह भूल गई कि इन्हें लगाना भी है।
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पोलियो केस बदायूं में पिछले सालों में इतने निकले कि जिले का नाम विदेशों में गूंज गया। कई बच्चों में इसकी पुष्टि हुई। जांच के दौरान बच्चे जलजनित बीमारियों से भी पीड़ित मिले। इसी के मद्देनजर जिले के 125 विद्यालयों का चयन किया गया जिनमें वाटर प्यूरीफायर लगने थे। आसफपुर, कादरचौक, जगत, समरेर, सहसवान, बिसौली, बिल्सी क्षेत्र के स्कूल इसमें शामिल रहे।
शासन स्तर से वाटेक संस्था को वाटर प्यूरीफायर लगाने को टेंडर दिया गया था। वर्ष 2010-11 तक यह कार्य पूर्ण होना था। संस्था ने शुभारंभ में तो लभारी, कादरचौक, कादरबाड़ी, पंखियानगला, कुड़ा शाहपुर, ललसीनगला, बेहटाडंबर, रमजानपुर आदि स्कूलों में सामान लाकर डाल दिया। सभी को ये लगा कि शीघ्र ही बच्चों को शुद्ध पेयजल मिलेगा, लेकिन दो साल बीतने को हैं, यह उपकरण फिट नहीं हुए। सूत्र बताते हैं कि हर प्यूरीफायर के लिए 15 हजार रुपये की मंजूरी मिली थी। लगभग 19 लाख की रकम जारी भी कर दी गई, लेकिन लाभ अभी तक इन बच्चों को नहीं मिला। जल निगम भी इसकी खबर नहीं ले रहा है।

वाटेक संस्था कुछ विद्यालयों में काम कर चुकी है। अन्य जिलों में काम चल रहा है। संस्था ने जिन विद्यालयों में काम किया है उनकी सूची मांगी गई है। शीघ्र ही वाटर प्यूरी फायर लगवाए जाएंगे।-डीपी सिंह, एक्सईएन, जल निगम

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