रनवीर के लिए गले की फांस बनी प्रधानी

Badaun Updated Sun, 09 Sep 2012 12:00 PM IST
बदायूं। दहगवां ब्लाक के मोहम्मदगंज गोबरा के प्रधान रनवीर सिंह को गांव की प्रधानी रास नहीं आ रही। हाथ-पैरों से विकलांग, अंगूठाटेक मात्र तीन फीट लंबे रनवीर को गांव वालों ने बीते चुनाव में प्रधान चुना। अविवाहित रनवीर की गांव के दबंगों के आगे कुछ नहीं चल पा रही है। परेशान रनवीर का कहना है कि अगर प्रशासन ने दबंगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो वह प्रधानी छोड़ देंगे या आत्महत्या कर लेंगे।
इस गांव की प्रधानी की कहानी भी कुछ कम नहीं है। मोहम्मदगंज गोबरा ग्राम पंचायत की प्रधानी पिछले चालीस साल से पड़ोस के गांव इमरत जौहरी में रही। पिछलेे पंचायती चुनाव में मोेहम्मदगंज गोबरा के लोगों ने खुद का प्रधान चुनने का निर्णय किया। इसके लिए ऐसे व्यक्ति की तलाश हुई जो अपना विकास करने कीबजाय गांव के विकास की सोच रखता हो। आखिर गांव वालों ने रनवीर को इसके लिए चुना। करीब सात सौ मतदाताओं वाली ग्राम पंचायत के चुनाव में रनवीर को चार सौ से ज्यादा वोट मिले। उनके प्रतिद्वंद्वी पैंतीस सालों से ग्राम प्रधान रहे बड़े जंडैल को करीब डेढ़ सौ वोट ही मिले।
चालीस साल बाद गांव में प्रधानी आने का जश्न ज्यादा दिन नहीं चल सका। कुछ समय बाद ही प्रधान रनवीर सिंह की मुश्किलें शुरू हो गईं। गांव केे दबंग और जालसाज लोग उनके अनपढ़ होने का फायदा उठाने लगे। हद तो तब हो गई जब गांव के कुछ दबंग विकास के लिए आई राशि में हिस्सा मांगने लगे। मना करने पर धमकी दी जाने लगी। रनवीर ने दबंगों की शिकायत उघैती थाना पुलिस से की। अधिकारियोें सेे भी गुहार लगाई, लेकिन किसी ने भी उनकी फरियाद नहीं सुनी। हिम्मत और हौसला जवाब दे गया तो रनवीर ने दस दिन पहले ही मरने की ठानकर अपनी झोपड़ी में आग लगा ली, लेकिन गांव वालों ने उन्हें बचा लिया। प्रधान के चचेरे भाई ओमेंद्र सिंह यादव ने बताया कि सचिव या दूसरे अधिकारी और गांव वाले कोई भी कागज लेकर आ जाते हैं तो रनवीर सिर्फ विश्वास पर ही दस्तखत कर देते हैं। गांव के मुकेश का भी यही कहना है कि सीधे-सादे रनवीर को गांव वाले काम नहीं करने दे रहे हैं।

प्रधान रनवीर सिंह आए थे, उन्होंने तहरीर देकर कुछ लोगों पर दबंगई करने का आरोप लगाया है। हलका दरोगा राजाराम सिंह को जांच दे दी गई है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। रही बात आत्महत्या की तो ऐसा नहीं करने दिया जाएगा।
हिमांशु निगम, थानाध्यक्ष उघैती

प्रधान जी अगर इस्तीफा ही देना चाह रहे हैं तो वह उनकी इच्छा है। लेकिन यदि कोई उनको परेशान कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रधान जी को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वह इलाके के विकास के लिए काम करें।- सूर्यपाल गंगवार, सीडीओ।

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