मां-बाप के हत्यारे को फांसी की सजा

Badaun Updated Sat, 08 Sep 2012 12:00 PM IST
बदायूं। बूढ़े माता-पिता की हत्या कर शवों को जलाने का प्रयास करने वाले युवक को अपर सेशन कोर्ट संख्या छह ने फांसी की सजा सुनाई है। हत्यारे पर 33 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका गया। इस मामले में सह-आरोपी नाती का विचारण उसके अवयस्क होने के कारण किशोर अदालत को सौंपा गया है।
यह सनसनीखेज वारदात थाना मूसाझाग क्षेत्र के गांव सिमरिया में 30 जुलाई 2008 की रात हुई। देसी दवाई से इलाज करने वाले 70 वर्षीय रामचंद्र शर्मा अपनी 68 वर्षीय पत्नी ब्रह्मदेवी के साथ रहते थे। घटना से कुछ दिन पहले उन्होंने अपनी जमीन बेची तो बेटा नरेश पिता से अपने हिस्से की रकम मांगने लगा। रकम नहीं मिलने पर नरेश ने अपने 13 साल के बेटे प्रदीप के साथ मिलकर धारदार हथियार से दोनों की हत्या कर दी। सबूत मिटाने के इरादे से शवों को उपलों और डीजल से जला दिया। इसके बाद नरेश ने अपने सगे भाई बरेली के डेलापीर क्षेत्र में शिवविहार कालोनी निवासी उमेश को भी मोबाइल पर जान से मारने की धमकी दी। उससे कहा कि माता-पिता को मारकर जला दिया है। तुम दोनों को भी ऐसे ही चिता में जलाऊंगा।
विद्वान न्यायाधीश एसएन त्रिपाठी ने अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी ज्ञान स्वरूप गुप्ता, अनिल कुमार सिंह समेत बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद नरेश को दोषी करार देते हुए फांसी और जुर्माने की सजा सुनाई है।

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