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गिरधारी और रज्जू नगला में बाढ़ का कहर

Badaun Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
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दो दर्जन घर गंगा में समाए, तेलिया नगला गांव खाली कराया जा रहा, 70 मीटर दूरी पर बह रही गंगा
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700 बीघा में लगी फसलें बह गईं, प्रशासनिक अधिकारियों ने किया कटान का निरीक्षण
सहसवान। नरौरा से गंगा में करीब सवा लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से यहां बाढ़ के हालात हैं। गिरधारी नगला और रज्जू नगला गांव के दो दर्जन से अधिक मकान गंगा में समा चुके हैं। ग्रामीण पास ही खिरकबाड़ी मार्ग पर डेरा डाले हुए हैं। तेलिया नगला से महज 70 मीटर दूर गंगा पहुंच चुकी हैं। तेजी से कटान हो रहा है। इन तीनों गांवों की 700 बीघा से अधिक फसल चौपट हो गई। हालांकि ग्रामीणों को जिला प्रशासन सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में लगा हुआ है। सहायता सामग्री भी बांटी गई।
रविवार को नरौरा से गंगा में एक लाख 23 हजार 779 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, लेकिन इससे दो दिन पूर्व से गंगा ने गांव गिरधारी नगला और तेलिया नगला में बहुत तेज गति से कटान करना शुरू कर दिया था। गंगा की लहरें अब तक इन गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों की करीब सात सौ बीघा भूमि को आगोश में ले चुकी हैं। इनमें खड़ी गन्ना, बाजरा, मक्का आदि की फसलें चौपट हो गई। लहरों का रुख गांव तेलिया नगला की ओर अधिक है और तेजी से कटान करती हुई गांव की ओर आ रही हैं।
गांव गिरधारी नगला में गंगा के कटान से केवल, नेकसी, रामसहाय, धनीराम, रज्जू नगला में शिवचरन, किशोरी, दिनेश, छोटे, केसरी, भूरे, टोडी, दौजी, कर्रू, नन्हे, करनसिंह आदि के मकान भी गंगा में समा चुके हैं। तहसील प्रशासन की ओर से राजस्व निरीक्षक वीरेंद्र पाल, विचित्र पाल, थान सिंह,लेखपाल हरविलास बाबू गांव में कैंप कर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
एसडीएम रामअभिलाष पटेल, तहसीलदार हरीशचन्द्र त्रिपाठी, सीओ वीके त्यागी, कोतवाल आरएस सरोज के नेतृत्व में तहसील प्रशासन ने सुबह से ही तेलिया नगला गांव खाली कराकर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। दोपहर पहुंचे एडीएम वित्त जयंत कुमार दीक्षित ने कटान का निरीक्षण किया और पीड़ित ग्रामीणों से जानकारी ली। एडीएम ने पीड़ित ग्रामीणों को तिरपाल, मोमबत्ती, माचिस, चना, परमल आदि वितरित करने और चिकित्सा सुविधाए उपलब्ध कराए जाने के आदेश दिए। ग्रामीणों ने एडीएम को बताया कि उनके गांव को जाने वाला रास्ता तीन स्थानों पर कटा हुआ है जिसके चलते उन्हें बांध तक पहुंचने में बेहद दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। इसे ठीक कराया जाए। कोटेदार नरेश को पीड़ित ग्रामीणों को दो-दो लीटर मिट्टी का तेल बांटने के आदेश दिए गए।

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