बिना फिटनेस के दौड़ रहीं रोडवेज बस

Badaun Updated Sun, 26 Aug 2012 12:00 PM IST
इनमें हॉर्न छोड़ सब कुछ बजता और ब्रेक छोड़ सबकुछ लगता
बदायूं। एआरएम की मानें तो रोडवेज डिपो की सभी बसें दुरुस्त हैं। न तो किसी का शीशा टूटा और न ही किसी का हॉर्न खराब हैं। जबकि असलियत ये है कि इनके ब्रेक छोड़ सबकुछ लगते हैं और हॉर्न छोड़ सबकुछ बजता है। कई बसें तो ऐसी हैं जो गंतव्य तक यात्री खुद धक्का मारकर पहुंचाते हैं। यात्रियों के अनुसार बसें बिना फिटनेस के दौड़ लगा रही हैं।
रोडवेज के बेड़े में 108 बसें हैं। इसमें से 84 सरकारी और 24 अनुबंधित हैं। सूत्र बताते हैं कि इनमें से तमाम बसों की हालत खराब है। कब, कहां धोखा दें जाएं पता ही नहीं। कुछ बसें तो स्टार्ट ही धक्के से होती हैं। बताते हैं कि वह बसें मानक से अधिक दूरी तय कर चुकी हैं, लेकिन निगम के कागजों में अभी चल रही हैं। हालांकि ऐसी बसों को लॉंग रुट पर नहीं भेजा जाता।
एआरएम पीएस मिश्र का कहना है कि सभी बसें फिट हैं। यदि किसी बस में कोई कमी आती है तो उसे चालक की शिकायत पर सही करा दिया जाता है।
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ये खिड़की जो बंद रहती है
यात्री मुनेश का कहना है कि शनिवार को वह कलान किसी काम से गए थे। बस की खिड़की जाम थी। तमाम प्रयास के बावजूद नहीं खुली। बैठने को सीटें भी ठीक नहीं हैं।
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लगाने पड़े धक्के
यात्री सुमित का कहना है कि दातागंज मार्ग पर चलने वाली अधिकांश बसें धक्का स्टार्ट हैं। बीते दिन एक बस के बंद होने के बाद मुझे भी धक्का लगाना पड़ा था। खिड़कियां लगातार बजती हैं।

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21 मई 2018

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