बारिश से दलहनी फसलों पर संकट

Badaun Updated Sun, 26 Aug 2012 12:00 PM IST
पानी भरने से उड़द-मूंग में लगा मोजेक रोग और कमला कीट
कृषि रक्षा इकाइयों पर किसानों की भीड़
धान और गन्ने की फसल को फायदा
बदायूं। चार दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से दलहनी फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। अनुमान है कि पांच फीसदी फसल मोजेक रोग की शिकार हो गई है। इन फसलों पर कमला कीट का भी असर है। किसान दवाओं के लिए कृषि रक्षा इकाइयों पर दौड़ लगा रहे हैं। हालांकि बारिश से धान और गन्ने की फसल को फायदा मिला हैै।
जून के आखिरी सप्ताह में खरीफ फसलों की बुवाई हो जाती है। इस बार समय पर बारिश न होने की वजह से किसानों ने खेतों में सिंचाई कर धान, बाजरा, गन्ना, उड़द, मूंग आदि फसलों की बुवाई कर दी थी। जैसे-तैसे किसान इन फसलों को पानी देकर बचाते रहे, लेकिन 20 अगस्त से हो रही रुक-रुककर बारिश से उड़द और मूंग दोनों में मोजेक रोग लग गया। कमला कीट भी दलहनी फसलों की पत्तियों को छलनी कर रहा है। यह तेजी से फैल रहा है।
सहायक विकास अधिकारी (कृषि रक्षा) शेर अली ने बताया कि मोजेक रोग के लिए किसान कीटनाशक क्यूनालफास और फफूंदी नाशक मैनकोजेब को मिलाकर छिड़काव करें। कमला कीट की रोकथाम को कीटनाशक मोनोक्रॉटोफास डाली जाए। उन्होंने बताया कि किसान दवाएं लेने आ रहे हैं। दलहनी फसलों में मोजेक और कमला कीट की शिकायत है।
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सब्जियों की पैदावार बढ़ेगी
खरीफ की सब्जियों में बैंगन, टमाटर, भिंडी, तुरई, लोकी, खीरा आदि फसलों को बारिश से लाभ मिल रहा है। पैदावार भी इनकी अच्छी हो रही है। बाजार में तेजी से स्थानीय सब्जियां आने लगी हैं। हालांकि भिंडी और टमाटर में फल छेदक रोक लगने की संभावना बताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार किसान जैविक दवाएं प्रयोग में लाएं। ताकि उनका अंश न बचा रहे। 24 घंटे में उसका असर खत्म हो जाए। इसके लिए वेसिलसफ्यूरी जेंसिस दवा का प्रयोग करें।

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