स्वाइन फ्लू की दस्तक, बदायूं में अलर्ट

Badaun Updated Sun, 26 Aug 2012 12:00 PM IST
जिला अस्पताल में बनाया जा रहा आइसोलेशन वार्ड
दवाएं और जांच किट भी मंगवाई जा रही
स्वास्थ्य महकमे ने नगरपालिका और पशुपालन विभाग को अलर्ट किया
बदायूं। लखनऊ में स्वाइन फ्लू की दस्तक से बदायूं में अलर्ट घोषित कर दिया गया। डीजी हेल्थ के आदेश मिलते ही स्वास्थ्य महकमे ने जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड खुलवाने को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिखा। डॉक्टरों की टीम बनाने के भी आदेश दिए गए हैं। एक एंबुलेंस हमेशा तैयार रखने को कहा गया है। विभाग ने मुख्यालय से दवाएं और तमाम तरह की किट मंगवाई हैं। नगरपालिका और पशुपालन विभाग को अलर्ट किया जा रहा है।
23 अगस्त को महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं ने भेजे आदेश में स्वाइन फ्लू से निपटने को अपने स्तर से तैयारी कर ली जाए। इसी के मद्देनजर जिला रोग सिर्विलांस ने पूरी तैयारी कर ली है। सीएमओ के माध्यम से जिला अस्पताल के सीएमएस को पत्र लिखा गया है। जिसमें आइसोलेशन वार्ड खोले जाने को कहा गया है, जो दस बिस्तर वाला होगा। बाहर वार्ड डिस्प्ले किया जाए। इसकी चाबी इमरजेंसी में तैनात ईएमओ को दी जाए। रैपिड रिस्पांस टीम का गठन करने को भी लिखा गया है। इस टीम में नोडल ऑफीसर, फिजीशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, ईएनटी सर्जन शामिल होंगे। सर्विलांस सेल ने ओसैल्टामिविर सीरप, पीपीई किट, ट्रांसपोर्ट मीडिया बायल, स्वाब स्टिक, डिस्पोजिबिल मास्क आदि की डिमांग मुख्यालय भेजी है।
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दो साल पहले हुई थी युवक की मौत
विभाग के अनुसार बदायूं के ककराला निवासी जितिन प्रसाद गुप्ता की मौत स्वाइन फ्लू से लखनऊ में हुई थी। प्रारंभ में इसके बारे में जानकारी नहीं मिल सकी थी। सर्विलांस सेल को उसके बाद लखनऊ से टीके प्राप्त हुए, जो चिकित्सकों और स्टाफ को लगाए गए थे।
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ऐसे फैलता है रोग
स्वाइन इन्फ्लूएंजा, इन्फ्लूएंजा टाइप ए वायरस से फैलने वाली बीमारी है, जो मूलत: सुअरों से मनुष्य में फैलती है। मनुष्यों में यह वायरस प्राय: जीवित नहीं रह पाता है, लेकिन यह एंटीजेनीक शिफ्ट के फलस्वरुप हुए म्यूटेशन के माध्यम से मनुष्यों में न केवल जीवित रहने की क्षमता प्राप्त कर लेता है बल्कि मनुष्य से मनुष्य में फैलता हुआ एक देश से दूसरे देश तक चला जाता है और वैश्विक महामारी का रुप ले सकता है।
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सर्विलांस टीम की पूरी तैयारी
जिला एपिडेमिलोजिस्ट डॉ. कौशल गुप्ता ने बताया कि रोग एच वन एन वन वाइरस से फैलता है। इस रोग का इन्क्यूबेशन काल दो से पांच तथा अधिकतम 17 दिन तक हो सकता है। मुख्य लक्ष्य बुखार आना, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, आंखों में संक्रमण, सांस फूलना है। बच्चों में उल्टी एवं दस्त की शिकायत भी मिल सकती है। स्वाइन फ्लू के विषाणु के प्रसार को रोकने के लिए छींकते एवं खांसते समय हमेशा मुंह को रुमाल या अन्य साफ कपड़े से ढक लें। हाथों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। चिकित्सक की सलाह लें। श्री गुप्ता ने बताया कि इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।

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