बदायूं से मैनपुरी की दूरी कम करने की कवायद

Badaun Updated Sat, 25 Aug 2012 12:00 PM IST
करीब 40 किलोमीटर दूरी कम हो जाएगी
पीडब्ल्यूडी ने स्वीकृति को शासन को भेजा प्रोजेक्ट
बदायूं। बदायूं से मैनपुरी की दूरी कम करने की कवायद की जा रही है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने बदायूं से कादरचौक, कासगंज और मैनपुरी तक हाइवे निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर पीडब्ल्यूडी ने शासन को भेज दिया है। यह सड़क निर्माण का प्रोजेक्ट पूरा हुआ तो बदायूं से मैनपुरी की दूरी करीब 40 किलोमीटर कम हो जाएगी। इतना ही नहीं बदायूं और दातागंज मार्ग बनाने की मंजूरी भी शासन से मांगी गई है।
अभी बदायूं से मैनपुरी की दूरी करीब 180 किलोमीटर है। मैनपुरी जाने के लिए बदायूं से कासगंज, एटा होते हुए जाना पड़ता है। क्षेत्र के लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग को देखते हुए बदायूं से कादरचौक, कासगंज होते हुए मैनपुरी तक रोड निर्माण की कवायद की जा रही है। हालांकि पीडब्ल्यूडी ने इस नए हाइवे के निर्माण को मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया है। प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिली तो बदायूं से मैनपुरी की दूरी तकरीबन 40 किलोमीटर कम हो जाएगी। इससे समय के साथ-साथ पैसे की भी बचत होगी। सैफई (इटावा) सांसद धर्मेंद्र यादव का मूल निवास भी है तो ऐसे में उम्मीद की जा रही कि सपा शासन होने के कारण बदायूं-मैनपुरी हाइवे को मंजूरी मिल जाएगी। इधर, बदायूं-दातागंज मार्ग को भी हाटमिक्स बनाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। हालांकि इस सड़क निर्माण की मांग कई साल से चली आ रही है। सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2008 में इस सड़क के लिए छह करोड़ आया भी था, जो बाद में शासन को वापस चला गया। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी ने कई और सड़कों के निर्माण के लिए भी प्रस्ताव शासन को भेजा है। इंतजार बस मंजूरी मिलने का है।
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सुगम होगा ककोड़ा मेला जाना
ककोड़ा मेले में जाना सुगम बनाने के लिए भी बदायूं-कादरचौक सड़क निर्माण का प्रोजेक्ट भी तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी ने भेजा दिया है। अभी ककोड़ा मेला जाने के लिए सड़क यहां आने वाली बाढ़ से काफी क्षतिग्रस्त हो जाती है। मंजूरी मिली तो जल्द ही इस सड़क का निर्माण शुरू कराने की बात पीडब्ल्यूडी बता रहा है।
वर्जन------
सांसद धर्मेंद्र यादव के प्रयास से बदायूं-मैनपुरी सड़क के निर्माण का प्रोजेक्ट तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। इस सड़क को बनाने के लिए बदायूं से धनुपुरा तक जिले से प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
सुरेश चंद्र आर्य, एक्सईएन, खंड प्रथम

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