जांच में फंसे आंगनबाड़ी केंद्र, हस्तानांतरण पर रोक

Badaun Updated Tue, 21 Aug 2012 12:00 PM IST
अनूप गुप्ता
बदायूं। मल्टी सेक्टोरियल प्लान के तहत नवनिर्मित पांच सौ से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्र जांच में फंस गए हैं। कई घपलों से चर्चा में रही पैकफेड ही इन आंगनबाड़ी केंद्रों को बनवा रही है। प्रशासन के पास इन केंद्रों के निर्माण को लेकर तमाम शिकायतें हैं। बहरहाल सीडीओ ने टीमें बनाकर इन सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की जांच शुरू करा दी है। इधर, जांच चलने तक बाल विकास व पुष्टाहार विभाग को इन सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का हस्तानांतरण न करने का फरमान दिया जा चुका है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मल्टी सेक्टोरियल प्लान के तहत जिलेभर में बीस करोड़ 65 लाख रुपये की लागत से सात सौ आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण को हरी झंडी तो काफी पहले मिल चुकी है। कार्यदायी संस्था बरेली की पैकफेड ने तकरीबन पांच सौ सात आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण भी पूरे करा लिए हैं। इधर, कई बड़े घपलों में लेकर सुर्खियों में रही पैकफेड की भूमिका एक बार फिर सवालों में आ गई है। प्रशासन के पास नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर शिकायतों के अंबार लग गए हैं, जिसमें कहीं केंद्रों के दरवाजे व खिड़की उखड़े होने की शिकायत है तो कहीं पर मानक के अनुरूप निर्माण सामग्री न होने के मामले हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने टीमें बनाकर इन आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की जांच शुरू करा दी है। इतना ही नहीं, सीडीओ ने यह भी फरमान जारी कर दिया है कि जब तक इन आंगनबाड़ी केंद्रों की निर्माण की जांच पूरी न हो जाए, तब तक बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को इन केंद्रों का हस्तानांतरण न करने का निर्देश जारी किया है।

जांच से महकमे के सामने भी दिक्कत
बाल विकास एवं पुष्टाकार विभाग के पास आंगनबाड़ी केंद्रों के विभागीय भवनों की संख्या काफी कम है। ज्यादातर केंद्र या तो परिषदीय स्कूलों में हैं या फिर किराए के भवनों में चलाए जा रहे हैं। मल्टी सेक्टोरियल प्लान के तहत पांच सौ आंगनबाड़ी केंद्र तो बन गए हैं, उनके हस्तानंारित होने से विभाग को काफी राहत मिल सकती थी लेकिन होने तक फिलहाल उस पर रोक लगी है।

आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच चल रही है। जांच पूरी होने तक इन नवनिर्मित भवनों के हस्तानांतरण पर रोक लगी हुई है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही आगे कोई कदम उठाया जाएगा।
आरती सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी

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