वीरेंद्र ने दो दिन पहले भी लूटी थी बाइक

Badaun Updated Mon, 20 Aug 2012 12:00 PM IST
बदायूं। भीड़ की पिटाई से घायल लुटेरे वीरेंद्र ने दो दिन पहले वजीरगंज इलाके से भी एक बाइक लूटी थी। इसकी तहरीर भी पुलिस को दी गई लेकिन पुलिस इस मामले को डकार गई। शनिवार को बाइक लूटकर भाग रहे एक बदमाश की भीड़ की पिटाई से मौत और दूसरे के घायल होने की सूचना पर भुक्तभोगी जिला अस्पताल पहुंचा। यहां घटना के चश्मदीद उनके बेटे ने बदमाश को पहचान लिया है। घटना के साथ पुलिस की करतूत की पोल खुलने पर अब इस मामले की जांच की जा रही है।
शनिवार की सुबह थाना उघैती क्षेत्र के गांव रियोनाई निवासी हिस्ट्रीशीटर बदमाश केदार मौर्य ने अपने तीन सहयोगियों केसाथ मिलकर बिसौली क्षेत्र से एक बाइक लूटी थी। बाइक गांव फिरोजपुर के प्रधान श्याम मनोहर शर्मा के बेटे चंद्रशेखर उर्फ मोनू की थी। इस घटना के बाद गांव वालों ने बदमाशों को थाना उघैती क्षेत्र के गांव रैपुरा के जंगल में घेर लिया और केदार को पीटकर मार डाला। उसके दो साथी भीड़ को गच्चा देकर भाग निकले। जबकि एक बदमाश वीरेंद्र निवासी गांव जंगबाजपुर थाना सिरौली, बरेली को पीटकर घायल कर दिया था।
फिलहाल घायल बदमाश का जिला अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। इस घटना के बाद रविवार दोपहर थाना सिविल लाइंस क्षेत्र के गांव बरातेगदार निवासी राजवीर अपने 10 वर्षीय बेटे ऋतिक को लेकर अस्पताल पहुंचे।
राजवीर ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार की शाम वह अपनी बाइक से खेत देखने वजीरगंज के गांव कुनार की ओर गए थे। ऋतिक को बाइक केसाथ हाइवे पर छोड़ दिया था। इस दौरान कुछ बदमाश ऋतिक से बाइक छीनकर भाग गए थे। इस घटना की तहरीर वजीरगंज पुलिस को दी गई लेकिन पुलिस इस मामले को हल्के में ले गई। रविवार को अस्पताल में भर्ती वीरेंद्र को ऋतिक ने पहचान लिया है। इसकी जानकारी वजीरगंज पुलिस को भी दे दी गई है। एसओ अमर सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

फेफड़े फटने से हुई थी केदार की मौत
लुटेरे केदार का रविवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट में फेफड़े फटने से उसकी मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा भीड़ की पिटाई से उसकी पसलियां भी टूट गई थीं। शरीर के अन्य अंगों पर भी गंभीर चोट आने की पुष्टि हुई है।

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