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यही रहा हाल तो सर्वे में बीत जाएगा पूरा साल

Badaun Updated Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
अनूप गुप्ता
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बदायूं। संपूर्ण स्वच्छता अभियान की जगह इस साल से शुरू हुआ निर्मल भारत अभियान सर्वे में उलझता नजर आ रहा है। वित्तीय साल के पांच महीने बीत चुके हैं और लाभार्थियों की सूची तैयार करने को अभी तक 20 फीसदी भी सर्वे पूरा नहीं हो सका है। यही रफ्तार रही कि पूरा साल महज सर्वे में बीत जाएगा।
संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत हर साल जिले को लक्ष्य मिलता रहा है। उसी हिसाब से गांवों को शौचालय आवंटित किए गए थे। मगर, इस वित्तीय वर्ष से यह अभियान बंद हो चुका है और उसकी जगह निर्मल भारत अभियान को शुरू करने की कवायद हो रही है। खास बात यह है कि इस अभियान में सभी गांवों को चयनित करने के बजाय हर साल तकरीबन सौ गांव चिन्हित होंगे और वहां सभी परिवारों को शौचालय से संतृप्त किया जाना है। इस अभियान के लिए नए सिरे से सर्वे कर लाभार्थियों का चयन किया जाना है। जिला पंचायत राज विभाग को सरकार ने निर्धारित प्रारूप के रजिस्टर भी उपलब्ध करा दिए हैं। इसके बावजूद महकमा इस अभियान के सर्वे को पूरा कराने में काफी कोताही दिखा रहा है। सूत्रों की मानें तो अभी तक सर्वे का सिर्फ 20 फीसदी ही काम पूरा हो सका है, जबकि इस वित्तीय साल के पांच महीने पूरे होने को हैं। यही रफ्तार रही तो निर्मल भारत तो लागू नहीं हो सकेगा। पूरा साल सिर्फ सर्वे करने में बीत जाएगा। जबकि इस अभियान को शुरू होने का इंतजार इसलिए भी हो रहा, क्योंकि अभी तक शौचालय निर्माण को लाभार्थियों को 45 सौ रुपया मिलता था, जबकि अब यह धनराशि दो गुनी कर दी गई है।

शौचालय बने पर रखे जा रहे उपले और भूसे
स्वच्छता अभियान के तहत ग्रामीणों के यहां शौचालय तो बनवा दिए गए लेकिन बड़ी तादाद में वे उनका इस्तेमाल नहीं कर रहे। ज्यादातर गांवों में शौचालय का उपयोग उपले और भूसे रखने के काम में लिए जा रहे हैं। खुद जिला पंचायत राज विभाग इसे कबूल कर रहा है। तर्क है कि लोगों की मानसिकता नहीं बदल रही।

निर्मल भारत अभियान का सर्वे जल्द पूरा कराकर सरकार से बजट की मांग की जाएगी। वह खुद इस अभियान को लेकर खास ध्यान देंगे।
सूर्यपाल गंगवार, सीडीओ

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