परमात्मा प्राप्ति को मन की तड़प ही पूजा: बापू

Badaun Updated Fri, 17 Aug 2012 12:00 PM IST
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उझानी(बदायूं)। संत आसाराम बापू ने कहा कि भगवान दूर नहीं और दुर्लभ भी नहीं हैं। शत्रु हो या मित्र भगवान हरेक में हैं। साधकों ने उनके उपदेश का महत्व समझा और ज्ञान की गंगा में डुबकी लगाई। परमात्मा प्राप्ति को मन की तड़प ही सच्ची पूजा है।
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यहां मिल कंपाउंड स्थित आश्रम में संत आसाराम बापू ने बृहस्पतिवार रात सत्संग में प्रवचन किए। कहा कि अपने का भगवान प्रेमी बनाएं। राग द्वेष न करके भगवान को अपना मानकर उनसे प्रेम करें तो फिर हम जो काम करेंगे वह सब पूजा बन जाएगा। परमात्मा की प्राप्ति के लिए शबरी का झाडू लगाना ही पूजा थी और मीरा का प्रभु की मस्ती में झूमना भी पूजा। भगवान और संत के लिए ललक बढ़ाना अपने अहंकार को मिटाना ही ध्यान है। भगवान के लिए जाने वाले सभी कार्य भक्ति बन जाते हैं। इसलिए अपने जीवन के सुख-दु:ख, लाभ-हानि, अच्छे-बुरे और खट्ठे-मीठे सभी प्रसंगों में भगवान की कृपा के दर्शन करें।
धारा प्रर्वाह प्रवचन में संत ने कहा कि भगवान न दूर हैं और न ही दुर्लभ। बाद में मिलेंगे ऐसा भी नहीं है। खुद को कभी बीमार नहीं मानें। बीमारी शरीर को और सुख-दुख मन को होते हैं। बीमारी आकर चली जाती है और सुख-दुख में भी ऐसा ही होता है लेकिन उनको जानने वाले आप सभी एक रस हों। जिनके हजारों जन्मों के पापों का अंत हो जाता है, उसे भगवान का सत्संग प्राप्त होता है। बोले- इस युग में कई दु:खों और कष्टों को हरने वाला नाम श्री हरि है। आसाराम बापू ने कई प्रसंग भी सुनाए। कहा कि मंत्रों का जाप अवश्य करें। दिन भर के अच्छे कार्यों का भगवान के चरणों में अर्पितकर दें और गलत काम के लिए माफी मांग कर जीवन का सफल बनाएं।
सुरेशानंद ने किया अनुयाइयों को भाव विभोर

आश्रम परिसर में बापू के सत्संग से पहले उनके कृपापात्र सुरेशानंद महाराज ने प्रवचन में भगवान में ध्यान लगाकार अच्छें कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने कई प्रसंग सुनाकर अनुयाइयों को भाव विभोर कर दिया। सुरेशानंद ने आरोग्य जीवन के लिए भी नुस्खे भी गिनाए। उनके प्रवचन करीब तीन घंटा तक चले।

बापू के प्रवचन में सेहत सुधार के नुस्खे
प्रवचन के दौरान आसाराम बापू ने सेहत से जुड़े कई ऐसे नुस्खे बताए जो आम तौर पर रोजमर्रा इस्तेमाल के हैं। मसलन, मच्छर न काटे, इससे बचने को गेंदे के फूल को घर लाएं। ह्दय रोग, उच्च रक्तचाप और डायबिटीज
साधकों ने किया फूलमालाओं से स्वागत
देर शाम आश्रम पहुंचे बापू आसाराम के साधकों में श्री योग वेदांत सेवा समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद्र मिनोचा, विद्धम सिंह यादव, राजेंद्र प्रसाद सक्सेना, राजन मेंदीरत्ता, राजीव वार्ष्णेय, कमल यादव, केशव गर्ग, सुंदर आहूजा, एसएन सक्सेना, राकेश गोयल, दिनेश वर्मा, अनुराग धींगड़ा, नरेंद्र गुलाटी, पीतांबर लाल बांगा और हरिनारायण अदलक्खा आदि ने फूलमालाएं भेंट कर स्वागत किया।
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