लखनऊ से उपचारिका को बनाया गया था सिस्टर

Badaun Updated Fri, 17 Aug 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। उपचारिका को सिस्टर बनाए जाने के मामले में गड़बड़ी स्थानीय स्तर से नहीं बल्कि लखनऊ मुख्यालय से हुई है। इसका खुलासा जांच में हुआ है। स्थानांतरण लिस्ट में शासन स्तर से ही उपचारिका को सिस्टर दर्शा दिया गया था। जांच के बाद स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचारिका के पद पर कार्यरत सुनीता चार्ल्स का स्थानांतरण मई माह में शाहजहांपुर के जिला चिकित्सालय में हुआ था। स्थानांतरण लिस्ट विभाग का मिली तो उसमें इनका पदनाम सिस्टर दर्शाया गया था। इस पर महकमे के अधिकारियों को शक हुआ तो उन्होंने संबंधित कर्मचारी की सेवा पुस्तिका मंगवाई और अपने अभिलेखों का मिलान किया। जिसमें उनका पदनाम उपचारिका ही मिला।
सुनीता का स्थानांतरण पत्र और यहां से भेजे गए कर्मचारियों के नाम की सूची लेकर तत्कालीन सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह लखनऊ पहुंचे। वहां सभी कागजात सौंपे गए तो अधिकारियों ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। अब जांच पूरी हो गई। सीएमओ डॉ. रजनीश पाल सिंह का कहना है कि शासन स्तर से ही यह गड़बड़ी हुई थी। यहां से भेजे गए सभी अभिलेख सही थे। स्थानांतरण के लिए उपचारिका को रिलीव शासन के आदेश के बाद किया जाएगा।
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