उपस्थिति से दोगुने बच्चे खा रहे मिड डे मील

Badaun Updated Fri, 17 Aug 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। कई परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को मिड डे मील में दाल-रोटी की बजाय दलिया परोसा जा रहा है। इसके अलावा बच्चों की संख्या भी उनकी उपस्थिति से दोगुनी दर्शाई जा रही है। गुणवत्ता भी नहीं परखी जा रही, क्योंकि मिड डे मील सदस्य या प्रधान के घर से बनकर स्कूल में आता है। विद्यालय की रसोई में खाना नहीं पक रहा है। महकमे के अधिकारी निरीक्षण करते हैं, लेकिन वह इसको नजरअंदाज कर रहे हैं।
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हर दिन मिड डे मील का मीनू अलग है। उसी के अनुसार बच्चों को मिलना चाहिए। बृहस्पतिवार को रोटी सब्जी जिसमें सोयाबीन या दाल की बड़ी मिक्स होनी चाहिए या फिर दलिया मिलना चाहिए, लेकिन प्राथमिक स्कूल सराय फकीर में बच्चों को रोटी सब्जी कभी मिलती ही नहीं। यहां अक्सर बच्चे दलिया खाकर पेट भरते हैं। इसी स्कूल में मर्ज किए गए प्राथमिक स्कूल सराय चौधरी और सोथा नंबर एक स्कूल का है। भोजन कभी स्कूल में नहीं बनता जबकि स्कूल में रसोई बनाई गई है। भोजन बनने के बाद उसकी गुणवत्ता के लिए समिति बनाई गई है, लेकिन उसकी जांच नहीं होती है। सराय फकीर स्कूल में मिड डे मील रजिस्टर में पहले भोजन खाए बच्चों की संख्या अधिक दर्शाई गई थी, लेकिन बाद में काटकर कम कर दी गई।
प्रभारी प्रधानाध्यापक रोशन अख्तर का कहना है कि बच्चों को रोटी-सब्जी नहीं मिलती दलिया सदस्य के यहां से बनकर आता है। कन्या जूनियर हाईस्कूल फरशोरी टोला में 30 छात्राओं को भोजन कराया गया। रजिस्टर में भी इतने ही दर्ज हैं, लेकिन छात्राओं की संख्या गिनती में यहां कम मिली। हालांकि प्रधानाध्यापक मेहरजबीं का कहना है कि कुछ छात्राएं चली गई हैं। शहर के अन्य विद्यालयों में भी यही कमियां मिलीं। महकमे के अधिकारियों का तर्क है कि जहां गड़बड़ी मिलती है वहां कार्रवाई होती है।
मिड डे मील में निकली सूड़ी, बच्चों का प्रदर्शन

गुलड़िया। मिड डे मील की गुणवत्ता का आंकलन इसी से लगाया जा सकता है कि दलिया में गुरुवार को एक विद्यालय में सूड़ी निकली। बच्चों ने देखा तो शोर मचाया। इस पर आसपास के लोग इकट्ठे हो गए। इस दौरान प्रदर्शन किया और अफसरों को सूचना दी तो टीम पहुंची। उन्होंने भी दलिया में सूड़ी पाई। उन्हाेंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्राथमिक स्कूल किसरुआ में बच्चों को दाल-रोटी की बजाय दलिया खिलाया जा रहा था। इसी दौरान जूली, अंकित, खुशबू, मीनू, संध्या आदि बच्चों ने प्लेट में सूड़ी देखी तो इन्होंने शोर मचा दिया। पास में ही साधन सहकारी समिति पर खाद लेने वाले किसान शोर सुनकर वहां आ धमके। किसान लटूरी सिंह ने प्रधानाध्यापक को बताया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस दौरान सभी ने प्रदर्शन किया। एसडीएम सदर को सूचना दी गई बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अलावा एसओ मूसाझाग मंजित सिंह, लेखपाल शिव सिंह पहुंचे। उन्होंने पाया कि दलिया में सूड़ी हैं। उन्होंने संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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