बयान लेने में ही लग गए छह महीने

Badaun Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
अभिषेक सक्सेना
बदायूं। एसटीएफ के एनकाउंटर में ग्रामीण की मौत के मामले में परिवार के लोगों के बयान लेने में ही प्रशासन को छह महीने लग गए हैं। ऐसे में इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। परिवार के लोगों का कहना है कि इससे पहले प्रशासन ने उन्हें बयान से संबंधित कोई सूचना नहीं भेजी थी। वहीं पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के बयान भी दर्ज नहीं हो सकेहैं। हालांकि एसटीएफ निरीक्षक और टीम में शामिल सिपाहियों केबयान हो चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि डॉक्टर के बयान दर्ज होने के बाद इसकी रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
बताते चलें कि स्पेशल टॉस्क फोर्स की आगरा यूनिट में तैनात इंस्पेक्टर बीएस त्यागी के नेतृत्व में टीम बीती सात जनवरी की रात कोतवाली उझानी क्षेत्र के गांव संजरपुर पहुंची थी। यह टीम अलीगढ़ के थाना अतरौली क्षेत्र के गांव आलमपुर निवासी 15 हजार के इनामी बदमाश पृथ्वी सिंह उर्फगोलू की तलाश में आई थी। देर रात हुए एनकाउंटर के दौरान ट्यूबवेल की झोपड़ी में सो रहे गांव के ब्रजपाल नाम के व्यक्ति की मौत हो गई थी। वहीं एसटीएफ के सिपाही राकेश गोली लगने से घायल हुआ था। ब्रजपाल की मौत के बाद एसटीएफ ने झोपड़ी जलाकर शव की शिनाख्त मिटाने का प्रयास किया लेकिन गांव वाले मौके पर पहुंच गए थे।
दूसरे दिन गांव वालों के प्रदर्शन के बाद ब्रजपाल की पत्नी चमेली की ओर से उझानी कोतवाली में तैनात रहे एसएसआई जेपी सिंह परिहार समेत 8-10 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। वहीं एसटीएफ इंस्पेक्टर ने पुलिस को दी गई तहरीर में इसका जिक्र किया था कि एनकाउंटर में एक बदमाश मारा गया और पृथ्वीसिंह अपने एक साथी को लेकर फरार हो गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद इसकी विवेचना एसडीएम सदर को सौंपी गई थी।
जांच की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि छह माह बीतने के बाद लगभग 10 दिन पूर्व एसडीएम रामअरज ने ब्रजपाल की पत्नी चमेली और परिवार के लोगों को बयान लिए हैं।
खोखले साबित हुए आश्वासन: चमेली
ब्रजपाल की पत्नी चमेली ने बताया कि घटना के दूसरे दिन गांव नेे बरेली-आगरा हाइवे पर जाम लगा दिया था। जाम खुलवाने के लिए पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें कृषक दुर्घटना बीमा और पारिवारिक लाभ योजना के तहत अनुदान दिलाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद किसी ने परिवार की सुध नहीं ली।
ये रही परिवार की स्थिति
ब्रजपाल की बेटी प्रमिला युवा है लेकिन उसकी शादी करने के लिए चमेली के पास धन का अभाव है। उनका एक बेटा अशोक पंजाब में रहकर मजदूरी करता है तो उससे छोटा भूप सिंह ईंट भट्टे पर काम करता है। इससे छोटा बुधपाल पुश्तैनी जमीन के एक छोटे से टुकड़े पर खेती करता है। वहीं सबसे छोटा हृदेश पढ़ाई कर रहा है।

घटना के समय मेरी तैनाती यहां नहीं थी। यहां आने के बाद मैंने इस प्रकरण की जांच शुरू कर दी। एसटीएफ अधिकारियों के बयान लिए जा चुके हैं। लगभग 10 दिन पहले ब्रजपाल केपरिवार केलोगों के बयान भी ले लिए। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर का बयान लेने के बाद जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप देंगे।
रामअरज, एसडीएम सदर

Spotlight

Related Videos

चीन को इस काम पर देंगे शाबाशी, सेना को सौंपी नई जिम्मेदारी

भले चीन दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला देश हो, लेकिन उसने एक बेहतरीन मुहिम छेड़ी है। पहाड़ों, खेतों, जंगलों और पर्यावरण को बचाना चाहता है चीन...

19 फरवरी 2018

Switch to Amarujala.com App

Get Lightning Fast Experience

Click On Add to Home Screen