कागजी हैं मनरेगा के तहत रोपे गए पौधे

Badaun Updated Sun, 12 Aug 2012 12:00 PM IST
बदायूं। जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की अध्यक्ष और आंवला सांसद मेनका गांधी इस पर बेहद खफा हुईं कि उन्होंने वन विभाग से पिछले दो साल में कराए गए पौधरोपण की जानकारी मांगी थी और महकमा ने यह सूचना अभी तक नहीं दी। उन्होंने मनरेगा के तहत हुए पौधरोपण को कागजी ज्यादा बताते हुए कहा कि वह खुद इसकी जांच कराएंगी कि गांव-गांव में पौधरोपण की हकीकत क्या है।
यहां विकास भवन के सभागार में हुई समिति जनप्रतिनिधियों और विभिन्न अधिकारियों की मौजूदगी में मीटिंग हुई, जिसमें एक-एककर विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग के पौधरोपण पर सवाल खड़े किए। मेनका गांधी ने सवाल उठाया कि दातागंज में हरीनगला, मझारा सहित कई जगहों पर स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी हॉस्पिटल बनाने में करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए लेकिन वहां डॉक्टर की तैनाती न होने से उसका कोई लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। इसी तरह पशु चिकित्सालयों में भी चिकित्सकों की कमी पर मेनका गांधी ने नाराजगी जाहिर की। इसी क्रम में यह मामला उठा कि मनरेगा में दो लाख से ज्यादा का स्टीमेट जेई करता है। जबकि उससे कम के स्टीमेट को पास करने का अधिकार टेक्निकल असिस्टेंट (टीआई) के पास होता है। जबकि मनरेगा के ज्यादातर प्रस्ताव दो लाख से कम के ही हैं। लिहाजा गैर सरकारी कर्मी टीआई के पास प्रस्ताव पर ही मनरेगा के कार्य चल रहे हैं, जिससे योजना में गड़बड़ी की संभावना बनी हुई है। बैठक में सांसद धर्मेंद्र यादव के पूछने पर पीडब्ल्यूडी से पता चला कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में वर्ष 2008 से कोई बजट नहीं मिला है। सांसद ने नया स्टीमेट देने का निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिया। बैठक में इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव, एमएलसी बनवारी सिंह यादव, विधायक शिनोद शाक्य, डीएम मयूर माहेश्वरी, सीडीओ सूर्यपाल गंगवार सहित कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।

दो एकड़ भूमि पर बनेगा वानर वन
वन्य जीव प्रेमी मेनका गांधी ने शहर में घूमते वानरों को उनका आशियाना देने के लिए वन विभाग को दो एकड़ भूमि पर वानर वन बनाने का मशविरा दिया। उन्होंने कहा कि वन विभाग फलदार पौध लगाकर वानर वन को विकसित कर सकता है। इसके लिए वह भूमि की तलाश डीएम की मदद से सर्वे कराकर की जा सकती है। इसके लिए वह खुद भी पूरी मदद करेंगी।

एक लड़की के नाम होंगे दो वृक्ष
पौधरोपण के पीछे छिपी गरीबी को कम करने के फार्मूले को समझाते हुए मेनका गांधी ने कहा कि गांव में एक लड़की या लड़के के नाम पर दो फलदार पौध लगाए जाएं तो उससे होने वाली आमदनी से उनकी कुछ हद तक गरीबों को कम किया जा सकता है। यह पौध उन्हीं की सम्पत्ति भी जानी जाए, जिनके नाम पौधरोपण किया गया है।

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