‘गैस बम’ पर ढोए जा रहे मासूम

Badaun Updated Sat, 21 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

बदायूं। कोई भी अभिभावक अपने बच्चों को इसलिए बड़े स्कूल में पढ़ने भेजते हैं ताकि उनके बच्चे बड़े होकर मां-बाप केसपनों को पूरा कर सकें लेकिन शहर के अधिकांश स्कूलों में बच्चों को घर से लाने और पहुंचाने वाले वाहनों में अवैध एलपीजी किट लगी हुई है। इसका प्रमाण है कि एआरटीओ विभाग ने अभी तक जिले भर में लगभग 6475 वाहनों को प्रमाणित एलपीजी किट का सर्टिफिकेट दिया है। जबकि सात हजार से अधिक वाहन बिना प्रमाणित किट के घूम रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में डीजल, पेट्रोल और गैस से चलने वाले लगभग 14 हजार छह सौ चौपहिया वाहन हैं। इसके अलावा गैर जिलों में पंजीकृत वाहन भी हैं। पेट्रोल की बढ़ती कीमत के चलते अधिकांश लोगों ने अपनी कार और वैन में एलपीजी किट लगवा रखी है, क्योंकि पेट्रोल की अपेक्षा गैस से वाहन चलाना सस्ता पड़ा है। इनमें कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने कंपनी ब्रांड की जगह लोकल गैस किट लगवा रखी है। ऐसे में इस किट को एआरटीओ से प्रमाणित नहीं किया जाता और ये वाहन मालिक खुलेआम इन वाहनों को चलाते हैं। जबकि इन वाहनों में आग लगने की संभावना ज्यादा रहती है। कुछ लोगों ने अवैध किट लगे हुए वाहन स्कूलों में बच्चों को लाने और पहुंचाने के लिए ठेके पर दे दिए हैं।
देहात इलाकों में हैं अधिकांश वाहन
अवैध गैस किट लगे हुए अधिकांश वाहन देहात क्षेत्रों में हैं। चूंकि इन वाहनों के मालिक कभी-कभार ही शहर में वाहन लेकर आते हैं और पुलिस की रुटीन चेकिंग से बच निकलते हैं।
डग्गामारी में भी उपयोग हो रहे ये वाहन
अवैध गैस किट लगे वाहनों से से जिले में डग्गामारी भी हो रही है। खासकर ऐसी वैन डग्गामारी के लिए मुफीद साबित हो रही हैं। इन वाहनों के संचालन पर नियंत्रण तो पाया जा सकता है लेकिन डग्गामारी से संबंधित थानों के लिए लाभ का जरिया यही वाहन होने के कारण पुलिस इन्हें संरक्षण देने का काम करती है। टीएसआई विनोद कुमार ने बताया कि संभागीय प्रवर्तन विभाग ऐसे वाहनों के संचालन के खिलाफ अभियान चलाता है। अपने स्तर से भी प्रतिदिन चौपहिया वाहनों की चेकिंग की जाती है। स्कूल में चलने वालों वाहनों की भी अभियान चलाकर चेकिंग की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us