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ये बिजली तो गायब ही रहती है...

Badaun Updated Sat, 21 Jul 2012 12:00 PM IST
बदायूं। अघोषित बिजली कटौती से जनजीवन प्रभावित हो गया है। सुबह उठते समय हो या फिर सोते समय, बत्ती गुल रहती है। 22 में महज 13 घंटे ही आपूर्ति की जा रही है वह भी खंड-खंड में। विभाग के पास इस समस्या से निजात को कोई उपाय नहीं। एसडीओ टाउन लोकेश जुनेजा का कहना है कि मानसून न आने के कारण ओवरलोडिंग लगातार बढ़ रही है। इससे फाल्ट भी हो रहे हैं। कटौती लखनऊ मुख्यालय के आदेश पर ही होती है।
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शहरी हो या फिर कस्बाई। बिजली एक बार भरपूर तब मिली जब सपा की सरकार बन गई। दोबारा तब जब निकाय चुनाव सिर पर थे। लखनऊ मुख्यालय से आदेश जारी थे कि 22 घंटे बिजली आपूर्ति की जाए। कटौती हुई तो अफसर नपेेंगे। इस फरमान का महकमे के अधिकारियों ने बखूबी पालन किया, लेकिन आज स्थित इसके उलट है। बिजली खंड-खंड में मिल रही है। यदि कोई फाल्ट हो गया तो उसके सुधार को एक-दो दिन तो लग ही रहे हैं।
पटियाली सराय निवासी राजकुमार, शहवाजपुर निवासी उमेश शर्मा का कहना है कि दिन-रात कटौती का कोई समय नहीं है। अफसर कहते हैं कि शाम चार से छह बजे तक कटौती होती है, लेकिन यह हर समय ही बनी रहती है। कटौती से रातभर सो नहीं पाते। हर काम प्रभावित हो रहा है। फ्रिज में ठंडा पानी नहीं मिल पाता तो इंवर्टर चार्ज नहीं हो रहे हैं। एसडीओ का कहना है कि जून माह में बिजली 290 लाख यूनिट खर्च हुई है वह भी बदायूं और उझानी पर। अन्य जगहों का भी यही हाल है। ओवरलोडिंग दस से 15 फीसदी बढ़ी है।

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