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समितियों से नहीं उठा रहा गेहूं, खाद आपूर्ति बाधित

Badaun Updated Sat, 21 Jul 2012 12:00 PM IST
बदायूं। पीसीएफ का क्रय केंद्र बनीं 37 सहकारी समितियों पर करीब 40 हजार क्ंिवटल गेहूं का उठान सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अभी तक नहीं हो रहा। ऐसे में इन सभी सहकारी समितियों के गोदाम गेहूं से भरे हुए हैं, जिसकी वजह से यहां उर्वरकों की आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है। यह स्थिति गेहूं भंडारण से जुड़े अधिकारियों की लापरवाही को उजागर कर रही है।
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गेहूं खरीद खत्म हुए करीब तीन हफ्ता गुजर गया है, लेकिन अभी तक पीसीएफ के 37 क्रय केंद्रों पर करीब 40 हजार क्ंिवटल गेहूं का अभी तक उठान नहीं हुआ है। इसके अलावा पीसीएफ का काफी गेहूं एफसीआई के उझानी और यहां जिला मुख्यालय के बाहर ट्रकों में हैं, जिसकी भंडारण के लिए उतराई ही जल्दी नहीं हो पा रही है। हाल ही में शासन ने यह फरमान जारी किया है कि पीडीएस के लिए पहले क्रय केंद्रों पर पड़े गेहूं का उठान किया जाएगा। जबकि वहां का सारा गेहूं उठ जाए, उसके बाद ही एसएफसी गोदाम से उठान शुरू हो। गंभीर स्थिति यह है कि अभी तक पीसीएफ के किसी भी क्रय केंद्र से गेहूं का उठान पीडीएस के लिए क्यों नहीं हो रहा है। गेहूं भंडारण से जुुड़े अधिकारियों की भूमिका भी इसे लेकर सवालों के घेरे में आ रही है। इधर, पीसीएफ का क्रय केंद्र बनीं सहकारी समितियों के गोदाम गेहूं पीडीएस के लिए न भेजे जाने के कारण वे खाली नहीं हो पा रहे। ऐसे में इन सोसायटियों पर उर्वरक की आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसानों को खाद की समस्या से भी जूझना पड़ सकता है।

इन सहकारी समितियों पर पड़ा है गेहूं
सहकारी समिति कछला, उझानी, ककोड़ा, असरासी, कादरचौक, गौंतरा, अलापुर, खंडुला, हैवतपुर, खेड़ा जलालपुर, कल्हाई, सिलहरी, अलीगंज सहित 31 समितियां।

पीसीएफ ने डीएम को लिखा
पीसीएफ के क्रय केंद्रों से गेहूं का उठान न होने से पीसीएफ के जिला प्रबंधक सीपी गुप्ता ने डीएम मयूर माहेश्वरी को लिखा-पढ़ी करते हुए स्थिति से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में पीसीएफ ऐसी समितियों को खाद की आपूर्ति नहीं कर पा रही है।

सहकारी समितियों से कोटे की दुकान के लिए गेहूं उठान का कार्यक्रम तय कर लिया गया है। इतना जरूर है कि गेहूं उठान में देरी से खाद की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। मगर, स्थिति में जल्द सुधार कर लिया जाएगा।
नरेंद्र कुमार, जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां

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