मां-बेटे की दहेज के लिए की गई थी हत्या!

Badaun Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

उझानी(बदायूं)। मानकपुर गांव में घर में झुलसे मिले मां-बेटे के शव मंगलवार सुबह दूसरे दिन पुलिस ने कब्जे में ले लिए। रात में ही मृतक के मायके से पिता समेत अन्य परिजन पहुंचे। उन्होंने हंगामा भी किया। मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कर लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।
विज्ञापन

कोतवाली क्षेत्र के गांव मानकपुर निवासी जितेंद्र कुमार उर्फ बबलू की पत्नी लक्ष्मी और मासूम बेटे की लाश झुलसी हुई उसी के घर में सोमवार शाम पड़ी मिली थी। रात में ही मृतका का पिता सेवानिवृत दरोगा तेजपाल सिंह और अन्य परिजन आ गए। उन्होंने हंगामा भी किया लेकिन घर में मृतका का कोई परिजन मौजूद नहीं था। तेजपाल ने बताया कि लक्ष्मी की शादी उसने 26 अप्रैल-2008 में की थी। शादी के दौरान दहेज भी भरपूर दिया। बावजूद इसके पति नौकरी लगवाने के लिए धन की डिमांड करने लगा था। डिमांड पूरी नहीं होने पर ही लक्ष्मी की मारपीट की जाती रही। मृतका के पिता की मानें तो सोमवार शाम लक्ष्मी को उसके मासूम बेटे को जलाकर मार डाला गया। तेजपाल ने दहेज हत्या में पति जितेंद्र, ससुर हरीराम, जेठ राजेंद्र, देवर धर्मेंद्र्र उर्फ सबलू और हरीराम के भाई चंद्रपाल को नामजद करा दिया। हरीराम और धर्मेंद्र पुलिस कर्मी हैं। इधर, सुबह सीओ एमएस राना ने मानकपुर में पहुंचकर मृतक के मायके वालों से भी जानकारी हासिल की। नामजदों में दो के पुलिस हिरासत में होने की सूचना है। कोतवाल मुकेश सक्सेना ने बताया कि दहेज हत्या के इस मामले की जांच सीओ ने शुरू कर दी है।
दहेज हत्या का आरोप बेबुनियाद
मृतका का ससुर हरीराम पुत्रवधू और मासूम नाती की मौत की सूचना मिलते ही अपने तैनाती स्थल बरेली से रात में ही चल पड़ा। कोतवाली पहुंचा और पुलिस को मामले से अवगत कराया। नामजदगी के बाद से पुलिस हिरासत में मौजूद हरीराम ने बताया कि उस समेत उसके परिवार पर लगाया गया दहेज के लिए हत्या का आरोप झूठा है।

कातिलों को कठोर दिलाउंगा सजा
बेटी लक्ष्मी और धेवते हिमांशु की लाश देख सेवानिवृत दरोगा तेजपाल सिंह फफक पड़े। जितेंद्र पर हैवान की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया। बोले-जब भी वह मानकपुर आया, हर बार ही बेटी ने उत्पीड़न की दास्तां सुनाई। एक बार तो उसने डेढ़ लाख भी दिया। अब तो उसका मकसद कातिलों को कठोर सजा दिलाना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us