फर्जी शस्त्र लाइसेंस पर लग सकेगी लगाम

Badaun Updated Tue, 17 Jul 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। फर्जी तरीके से शस्त्र लाइसेंस पाना अब आसान नहीं हो सकेगा। करीब सभी शस्त्र लाइसेंसधारकों के डाटा फीडिंग कर उन्हें ऑनलाइन करने का काम आखिरी दौर में है। हालांकि यह आदेश वर्ष 2007 में गृह अनुभाग ने जारी किया था, लेकिन प्रशासन ने सुस्ती दिखाई। इधर, एक बार अनुभाग के सख्त निर्देश जारी करने पर आनन-फानन में शस्त्र लाइसेंस की डाटा फीडिंग के काम को पूरा कराने की कवायद की जा रही है।
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अभी शस्त्र लाइसेंस के सभी रिकार्ड रजिस्टरों में ही दर्ज हैं। ऐसे में यह खोजना मुश्किल है कि कितने लाइसेंस का नवीनीकरण होना है। रिन्युअल न कराने वालों को समय से नोटिस नहीं जारी किया जा पाता। किसी दूसरे जिले के शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए प्रशासन को संबंधित जिले में सत्यापन के लिए चिट्ठी भेजनी पड़ती है। ऐसे में फर्जी तरीके से लाइसेंस बनने की संभावना भी ज्यादा रहती है। खास यह है कि शासन के शस्त्र अनुभाग ने वर्ष 2007 में प्रशासन को जिले के सभी शस्त्र लाइसेंसधारकों का ब्योरा ऑनलाइन करने का फरमान जारी किया गया था, जिस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इधर, करीब पांच साल बाद हाल ही में एक बार फिर सभी शस्त्र लाइसेंस के डाटा ऑन लाइन करने के निर्देश मिलने के बाद प्रशासन ने तेजी पकड़ी और अभी तक जिलेभर के करीब 15 हजार नौ सौ शस्त्र लाइसेंस ऑनलाइन किए जा चुके हैं। प्रशासन का कहना है कि करीब दो हजार शस्त्र लाइसेंस की फीडिंग बाकी है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
पलभर में कम्प्यूटर स्क्रीन पर होगा सारा डाटा
सभी शस्त्र लाइसेंस धारकों का डाटा फीडिंग किया जा रहा है, जिसमें शस्त्र लाइसेंस धारक का नाम, वल्दियत, थाना, शस्त्र नंबर और नवीनीकरण की तारीख सहित अन्य ब्योरा आसानी से कम्प्यूटर स्क्रीन पर आसानी से देखा जा सकेगा। ऐसे में नवीनीकरण न कराने वालों को समय से नोटिस जारी होगा।

मृतकों के नाम से भी शस्त्र लाइसेंस
नवीनीकरण की पुरानी व्यवस्था के कारण सूचना देने के बावजूद तमाम ऐसे शस्त्र लाइसेंस हैं, जो मृतक के नाम हो चुके हैं। हालांकि परिजनों के सूचना देने के बाजवूद नवीनीकरण की लंबी प्रक्रिया में काफी वक्त लग जाता है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि डाटा फीडिंग में ऐसे लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं।

छुट्टियों में भी हुई फीडिंग
पहले शस्त्र लाइसेंस को ऑन लाइन करने में कोताही बरती गई लेकिन अभी 24 जून को गृह अनुभाग ने जब प्रशासन को यह सख्त निर्देश दिया कि यह काम 15 दिनों में पूरा करना है तो कर्मचारियों को पूरी शिद्दत के साथ इस काम में लगा दिया गया। छुट्टियों में भी फीडिंग का काम हुआ।

शस्त्र लाइसेंस की फीडिंग काफी पहले हो जानी चाहिए थी लेकिन प्रशासन अब इसे जल्द पूरा करा रहा है। ऑनलाइन व्यवस्था के बाद शस्त्र लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी के साथ पारदर्शिता आ जाएगी।
जमीर आलम, सिटी मजिस्ट्रेट
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