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बांध की मरम्मत को मिला बजट नाकाफी

Badaun Updated Sat, 14 Jul 2012 12:00 PM IST
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पिछले साल कई बांधों को बाढ़ ने पहुंचाया था नुकसान
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बदायूं। जिले में पिछले साल आई भीषण बाढ़ से पथरामई और जोरीनगला बांध और उसावां तटबंध को काफी नुकसान पहुंचा था। इस बार जिले को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए इन बांधों की मरम्मत के लिए बाढ़ खंड ने जितनी लागत से प्रस्ताव बनाकर भेजे थे, उसकी आधी ही रकम मिली, वह भी काफी देर से। ऐसे में बाढ़ खंड ने बांध मरम्मत के कार्य कराए हैं, उनकी गुणवत्ता पर सवाल भी उठना स्वाभाविक है।
पिछले साल जिले में जबरदस्त बाढ़ का प्रकोप लोगों को झेलना पड़ा था। गंगा और रामगंगा ने भीषण कटान करते हुए सैकड़ों हेक्टेयर भूमि को निगल लिया था। किन्नर नगला में गंगा नदी के कटान से इर्द-गिर्द गांवों के लोग सिहर गए थे। जोरीनगला में गंगा ने पिछले साल 250 मीटर का कटान किया था। बाढ़ से उसावां, जोरीनगला और उसावां तटबंध को काफी नुकसान पहुंचा था। जिले में बाढ़ को रोकने के लिए यह बांध बेहद कारगर हैं लेकिन जिस तरह इन्हें नुकसान पहुंचा, उसे देखते हुए इस साल इनकी टिकाऊ मरम्मत की जरूरत थी। मगर, बाढ़ खंड से इन बांधों की मरम्मत के लिए जितने बजट की मांग की गई थी, उसकी करीब आधी रकम ही शासन ने जारी की है। इतना ही नहीं बाढ़ बचाव के कार्य के लिए जो धनराशि जनवरी के अंत या फरवरी में मिल जानी चाहिए, उसे मई में जारी किया गया। आधा-अधूरा बजट और देरी की वजह से बाढ़ बचाव के कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

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बांध मरम्मत के लिए बजट और जारी रकम
-उसहैत के पथरामई बांध की मरम्मत के लिए 11 स्पर सहित अन्य कार्यों के लिए नौ करोड़ 31 लाख की मांग गई, मिला सिर्फ छह करोड़ 50 लाख।
-कादरचौक में जोरीनगला बांध की रिपेयरिंग के लिए 25 स्पर समेत अन्य कार्र्यों के लिए करीब पांच करोड़ मांगे गए, जबकि जारी हुए तकरीबन तीन करोड़।
-उसावां तटबंध पर 0.5 किमी और 1.4 किमी पर मरम्मत के लिए करीब साढ़े छह करोड़ के बजट की मांग की गई थी, लेकिन तीन करोड़ ही मिले।
-उसावां में गंगा तट पर किन्नरनगला के लिए एक करोड़ 32 लाख की लागत से पांच स्पर निर्माण स्वीकृत।
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जिले में बाढ़ बचाव के लिए सिंचाई खंड ने इस साल बाढ़ बचाव के लिए कोई कार्ययोजना नहीं तैयार की और न ही बजट की डिमांड भेजी, जिसका नतीजा यह रहा कि इस साल बाढ़ बचाव से संबंधित किसी कार्य के लिए विभाग के पास कोई काम नहीं है।
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जोरीनगला में सही नहीं मिला था काम
करीब तीन करोड़ की लागत से निर्माणाधीन जोरीनगला बांध के हाल ही में डीएम मयूर माहेश्वरी ने मौके पर निरीक्षण किया था, जिसमें यहां काम की गुणवत्ता सही नहीं पाई गई थी। काम से नाराज होकर डीएम ने बाढ़ खंड के एक्सईएन के खिलाफ शासन से लिखा-पढ़ी की है।
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वर्जन----------
बाढ़ खंड ने जितने काम शुरू किए थे, लगभग वे सारे पूरे होने को हैं। देर से बजट मिलने के बावजूद काम की गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखा गया है।
-डीके जैन, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड

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