बेसिक के 400 स्कूलों में विज्ञान शिक्षक नहीं

Badaun Updated Sat, 14 Jul 2012 12:00 PM IST
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हर जूनियर हाईस्कूल में एक शिक्षक तैनाती के हैं नियम, पर कई विद्यालयों में हैं दो-दो
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उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 700, इसमें से 300 में शिक्षकों की है तैनाती
समायोजन के मिले हैं आदेश, पर विभाग नहीं ले रहा कोई निर्णय
बदायूं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत भले ही हर साल करोड़ों रुपये बच्चों पर खर्च किए जा रहे हों, लेकिन आज भी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। वह भी विज्ञान के। जिले के 700 में लगभग 400 विद्यालयों में विज्ञान शिक्षक तैनात नहीं हैं। हर स्कूल में एक साइंस शिक्षक की तैनाती के नियम हैं, लेकिन विभाग समायोजन नहीं कर पा रहा है। इसके आदेश भी मिल चुके हैं। तमाम विद्यालय ऐसे हैं जिनमें दो-दो साइंस शिक्षक तैनात हैं। शिक्षकों की इस संख्या के अनुसार तो विद्यार्थियों की पढ़ाई भगवान भरोसे है।
जिले में परिषदीय विद्यालयों की संख्या 2600 है। इसमें प्राइमरी के लगभग 1900 हैं, बाकी उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। पिछले साल बेसिक शिक्षा परिषद ने आदेश दिए थे कि हर विद्यालय में विषयवार शिक्षकों की तैनाती होनी चाहिए। सभी विषय के शिक्षक न मिल पाएं तो विज्ञान विषय के शिक्षक जरूर तैनात हों, लेकिन जिले में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। यही कारण है कि तमाम स्कूल बिना विज्ञान शिक्षक के चल रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की इस विषय की पढ़ाई कैसे संभव हो। हिंदी विषय के शिक्षकों को यह विषय पढ़ाना पड़ रहा है। विदित हो कि इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत विज्ञान मॉडल हर साल बनवाया जाता है। यह मॉडल वही बच्चे तैयार कर पाते हैं जिन्हें विज्ञान का बारीकी से ज्ञान हो। इसकी शिक्षा न मिलने के कारण जूनियर हाईस्कूल के बच्चे इस अवार्ड को हासिल नहीं कर पाते हैं। जबकि पांच हजार रुपये अवार्ड के रूप में मिलते हैं।
बीएसए कृपाशंकर वर्मा का कहना है कि विज्ञान शिक्षकों की कमी है। जिन विद्यालयों में एक से अधिक विज्ञान शिक्षक तैनात हैं उनका समायोजन किया जाएगा।
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