विज्ञापन

खाद की बिक्री में ओवर रेटिंग की आशंका!

Badaun Updated Tue, 03 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
अनूप गुप्ता
विज्ञापन
बदायूं। पीसीएफ के बफर गोदाम में रखे पूर्व भंडारण के हजारों टन खाद की बिक्री में ओवर रेटिंग की आशंका पैदा हो गई है। वजह, सरकार ने डीएपी और एनपीके खाद के रेट में जून में जबरदस्त इजाफा कर दिया है, जबकि पीसीएफ के बफर गोदाम में पुराने रेट की करीब 14 हजार टन डीएपी और एनपीके का पूर्व भंडारण रखा है। चूंकि खाद के नए रेट लागू हो चुके हैं लेकिन पूर्व भंडारण की खाद पुराने रेट पर ही सहकारी समितियों पर पहुंचनी है। ऐसे में खाद की बिक्री में उसके ओवर रेटिंग की संभावना बन गई है।
एक बार फिर डीएपी और एनपीके खाद के रेट में जबरदस्त इजाफा कर दिया गया है। डीएपी और एनपीके के रेट प्रति बोरी करीब तीन सौ रुपये प्रति 50 किलो के कट्टे में बढ़ोत्तरी कर दी गई है। जबकि समितियों को खाद की आपूर्ति करने वाले पीसीएफ के गोदाम में अभी भी तकरीबन 11 हजार टन डीएपी और तीन हजार टन एनपीके का पूर्व भंडारण है, जो पुराने रेट का है। हालांकि सरकार ने खाद के नए रेट एक जून से लागू कर दिए हैं लेकिन पीसीएफ को पूर्व भंडारण की खाद समितियों को पुराने रेट में ही देनी हैं। ऐसे में समस्या यह खड़ी हो गई है कि पुराने रेट पर उठान करने वाली समितियां किसानों के हाथ कहीं नए रेट से बिक्री न करने लगे। इसकी काफी संभावना है, जिससे खाद बिक्री में लाखों के वारे-न्यारे भी होंगे। ओवर रेटिंग के इस खेल को रोकने के लिए प्रशासन ने अभी तक कोई कारगर कदम नहीं उठाया है।

खाद के रेट में हो गया जबरदस्त इजाफा
यूरिया का प्रति कट्टा रेट तो 300.80 रुपये है लेकिन डीएपी का प्रति कट्टा रेट 910.60 रुपये की जगह बढ़ाकर 1205.60 रुपये प्रति कट्टा तय कर दिए गए हैं। इसी तरह एनपीके 12: 32:16 के प्रति कट्टा 823.70 रुपये की जगह 1118.10 रुपये और 10:26:26 के प्रति कट्टा रेट 1113.10 रुपये निर्धारित कर दिया गया है। खाद के यह रेट एक जून से लागू कर दिए गए हैं। उधर, इस पहले से ही भीषण महंगाई के बीच खाद के नए रेट सुनकर किसानों को चक्कर आ रहे हैं।

प्रशासन पर सख्त निगरानी रखने की चुनौती
रेट बढ़ने के साथ खाद को उसके निर्धारित मूल्य पर बेचने के लिए प्रशासन को सख्त निगरानी रखने की एक बड़ी चुनौती समाने खड़ी हो गई है। हालांकि पीसीएफ का कहना है कि सभी कट्टे पर उसके रेट लिखे हुए हैं। किसान खाद की खरीद करते समय यह अच्छी तरह से देख लें कि कट्टे पर कितना रेट तय हैं। साथ ही खाद क्रय करते समय रसीद भी जरूर लें।

खाद की ओवर रेटिंग नहीं होने दी जाएगी। इस पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। किसान भी सचेत रहे कि वह पुराने या नए रेट की खाद खरीद रहे हैं। उसकी आधार पर उसका भुगतान करें।
सीपी गुप्ता, जिला प्रबंधक, पीसीएफ

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Related Videos

भोपाल में पीएम मोदी की जनसभा समेत इन खबरों पर रहेगी हमारी नजर

मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल में रैली को सम्बोधित करेंगे, अमेठी में राहुल गांधी और विराट को मिलेगा खेल रत्न पुरस्कार समेत इन बड़ी खबरों पर रहेगी हमारी नजर

24 सितंबर 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree