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केंद्र बंद, हजारों क्ंिवटल बाकी रह गई गेहूं खरीद

Badaun Updated Mon, 02 Jul 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। बिचौलियों से खरीद करने के बावजूद प्रशासन गेहूं का लक्ष्य पूरा करने में नाकाम साबित हुआ। 30 जून को गेहूं खरीद का समय पूरा होने के साथ क्रय केंद्र तो बंद हो गए और वे लक्ष्य के अनुरूप हजारों क्ंिवटल गेहूं की खरीद बाकी छोड़ गए। गेहूं खरीद के लक्ष्य को पूरा करने के लिए शासन की सख्ती के बाजवूद यह नतीजा गंभीर है। गेहूं खरीद में लापरवाही करने वाले कई अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
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जिले में इस बार एक लाख 43 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। खरीद का समय एक अप्रैल से शुरू हो गया लेकिन 15 अप्रैल के बाद ही कहीं क्रय केंद्र खुल सके। इस दौरान गेहूं किसानों को मजबूरी में अपनी उपज औने-पौने दामों में व्यापारियों के हाथ में बेचनी पड़ी। क्रय केंद्रों पर भारी अव्यवस्थाओं और भुगतान में देरी से परेशान किसानों ने सरकारी सेंटरों की ओर रुख करना मुनासिब नहीं समझा, जिससे गेहूं खरीद में लगे कर्मचारी और अधिकारियों को किसानों केनाम पर आढ़तियों और व्यापारियों से खुलकर गेहूं खरीदने का मौका मिला और गेहूं खरीद में हुए गोलमाल का भरपूर फायदा उठाने का अवसर भी उन्हें खूब हासिल हुआ। खास बात यह रही कि बड़े पैमाने पर फर्जी खरीद के बावजूद प्रशासन गेहूं खरीद के लक्ष्य का आंकड़ा नहीं हासिल कर सका। 30 जून को गेहूं खरीद का समय समाप्त होने के साथ ही सेंटर भी बंद हो गए। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, 41 हजार 363 मीट्रिक टन विपणन शाखा ने, 30711 मीट्रिक टन पीसीएफ ने, 10907 मीट्रिक टन एसएफसी ने, 16238 मीट्रिक टन यूपीएसएस ने, 10242 मीट्रिक टन एग्रो ने, 4650 मीट्रिक टन कर्मचारी कल्याण निगम और 868 मीट्रिक टन नेफेड ने गेहूं की खरीद की है। खरीद का यह आंकड़ा लक्ष्य के करीब 78 फीसदी ही है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी रवि गौतम ने बताया कि कोई फर्जी खरीद नहीं हुई है। गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करने की पूरी कोशिश की गई थी।

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