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नहीं बनानी पड़ेंगी मतपत्रों की एक-एक हजार की गड्डी

Badaun Updated Mon, 02 Jul 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। निकाय चुनाव की मतगणना से पहले अब कर्मचारियों को मतपत्रों की एक-एक हजार की गड्डी तैयार करने में पसीना नहीं बहाना पड़ेगा। चेयरमैन और सदस्य पद के लिए मतगणना वार्डवार और मतदान स्थलवार एक साथ की जाएगी तथा मतगणना के लिए नगरीय निकायवार जो मतगणना केंद्र बनाए जाएंगे, उसमें गणना मेजों का निर्धारण मतदान स्थल की संख्या की आधार किया जाएगा।
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राज्य निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनाव की मतगणना के लिए पहले यह निर्देश दिए थे कि मतों की गिनती शुरू करने से पहले वार्डवार और मतदान स्थलवार मतपेटियां खोलकर दोनों पदों के मतपत्रों की अलग-अलग एक-एक हजार की गड्डी तैयार की जाएगी। इतना ही नहीं मतगणना केंद्र पर 14 गणना मेज लगाए जाने के निर्देश थे। इन दोनों निर्देशों पर दोबारा विचार किया गया और उसके पालन में यह दिक्कत सामने आई कि आमतौर पर मतगणना के लिए 14 मेज एक साथ लगाए जाने के लिए बड़े हाल उपलब्ध नहीं होते हैं। इसी तरह नगर पंचायतों में एक वार्ड में अधिकतर एक ही मतदान स्थल होते हैं। इतना ही नहीं छोटी नगर पालिका परिषदों में भी बहुत से वार्र्डों में एक या दो मतदान स्थल ही होते हैं। इन दोनों ही जगह पर वार्डवार मतपत्रों की मिक्ंिसग का कोई औचित्य नहीं है। लिहाजा आयोग ने यह फैसला लिया है कि निकाय चुनाव में चेयरमैन और सदस्य पदों के लिए की मतगणना वार्डवार और मतदान स्थलवार एक साथ की जाएगी तथा मतगणना के लिए नगरीय निकाय वार जो मतगणना केंद्र बनाए जाएंगे, उसमें गणना मेजों का निर्धारण मतदान स्थल की संख्या के आधार पर किया जाएगा।

एक मेज पर होगी पांच मतदान स्थलों की गणना
आयोग के यह साफ निर्देश हैं कि मतगणना केंद्रों पर कक्षों और गणना मेजों का चयन नगरीय निकाय में कुल मतदान स्थलों की संख्या के आधार पर किया जाएगा। एक गणना मेज पर आम तौर पर पांच मतदान स्थलों पर की जाएगी। यह भी ध्यान में रखा जाएगा कि किसी वार्ड के सभी मतदान स्थलों की गणना एक या दो मेजों पर ही कराई जाए। मतगणना के लिए द्वितीय शिफ्ट की अनुमति नहीं होगी।

रंगों के आधार पर पहले अलग किए जाएंगे मतपत्र
चेयरमैन और सदस्य पद के लिए अलग रंग के मतपत्र हैं। मतगणना के दौरान दोनों ही रंगों के मतपत्र अलग-अलग किए जाएंगे। मतपत्रों को उलटा रखते हुए 50-50 मतपत्रों की गड्डी बना ली जाएंगी और 50-50 की गड्डी बना लेने के पश्चात अगर अंत में 50 से कम मतपत्र रह जाते हैं तो उनकी अलग गड्डी तैयार होंगी।

मतपत्र रद्द करने पर दर्ज करना होगा कारण
मतों की गिनती के दौरान अगर कोई मतपत्र रद्द करना पड़ता है तो उस पर रिटर्निंग अधिकारी ऐसे प्रत्येक मतपत्र पर हिंदी में अस्वीकृत दर्ज करेगा और प्रत्येक मतपत्र पर उसका स्पष्ट कारण संक्षिप्त में लिखना होगा।

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