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हत्यारोपी सिपाहियाें की कुर्की में चुनाव का रोड़ा

Badaun Updated Sun, 01 Jul 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। थाना बिनावर में तैनात रहे हत्यारोपी सिपाहियों के फरार रहने पर उनकी कुर्की की कार्रवाई में निकाय चुनाव रोड़ा बन रहा है। जिले की अधिकांश पुलिस गैर जिलों में चुनावी ड्यूटी पर गई है, ऐसे में आरोपी सिपाहियों के घर कुर्की की कार्रवाई की पुलिस कोर्ट से परमीशन नहीं ले सकी है। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव के बाद इन सिपाहियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जाएगा, फरार रहने पर उनके खिलाफ कोर्ट के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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विदित हो कि बीती 21 अप्रैल को थाना बिनावर में तैनात सिपाही विमलेश यादव निवासी गांव झिगुपुरा थाना सैफई, इटावा और राजकुमार सिंह यादव निवासी गांव नगला टपटा, एटा थाना क्षेत्र के गांव मुझियाना निवासी 50 वर्षीय डालचंद्र के पास एक वारंट की तामील के सिलसिले में गए थे। यहां सिपाहियों ने डालचंद्र से थाने चलने को कहा, वजह पूछने पर सिपाहियों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान डालचंद्र ने दम तोड़ दिया।
वारदात को अंजाम देकर दोनों सिपाही वहां से फरार हो गए। घटना से आक्रोशित परिवार के लोगों ने ग्रामीणों की मदद से शव को पुलिस के कब्जे में नहीं दिया। बाद में तत्कालीन एसपी रतन श्रीवास्तव ने दोनों सिपाहियों को निलंबित करने के साथ ही उनकेखिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
इसके बाद से दोनों फरार चल रहे हैं। कई बार उनके घरों पर दबिश देने के बाद भी गिरफ्तारी न होने पर बीती दो जून को पुलिस ने कोर्ट से सिपाहियों के घरों की कुर्की की उद्घोषणा का आदेश लिया और इसका नोटिस आरोपियों के घरों पर चस्पा कर दिया। बावजूद इसके सिपाहियों ने न तो पुलिस को गिरफ्तारी दी और न ही कोर्ट में सरेंडर किया।
कुर्की की उद्घोषणा के बाद अब पुलिस को सिपाहियों की कुर्की का आदेश लेना है। इसके लिए आरोपियों के घर पर निर्धारित पांच दबिशें पूरी नहीं हो सकी हैं। ऐसे में यह मामला अभी अधर में लटका है। एएसपी सिटी पियूष श्रीवास्तव ने बताया कि निकाय चुनाव में व्यस्तता की वजह से पुलिस आरोपियों के घर दबिशें नहीं दे पाई। वर्तमान में जिले की अधिकांश पुलिस गैर जिलों में चुनावी ड्यूटी पर गई है। चुनाव के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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