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अनाज के बोरों पर कोड नंबर नहीं, गबन का शक

Badaun Updated Sat, 30 Jun 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। अनाज घोटाला न होने पाए, इसके लिए व्यवस्था तो यही बनाई गई है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का जो अनाज राज्य आवश्यक वस्तु निगम(एसएफसी)को आवंटित होता है, उसके हर एक बोरे पर प्रत्येक माह कोड नंबर डाला जा सके, ताकि यह साफ रहे कि एसएफसी गोदाम पर रखा अनाज किस माह और सेंटर का है। इसके बावजूद एसएफसी के अनाज बोरों पर कोड नंबर न डालना फिलहाल गबन को ही इशारा कर रहा है। हालांकि डीएसओ की रिपोर्ट पर डीएम ने इस प्रकरण की जांच शुरू करा दी है।
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पीडीएस के वितरण के लिए एसएफसी को अनाज मुहैय्या कराया जाता है। एसएफसी के ब्लाक गोदामों से यह अनाज कोटे की दुकानों पर कार्डधारकों को बांटने के लिए पहुंचता है। एसएफसी के गोदामों से अंत्योदय व बीपीएल के साथ ही एपीएल अनाज का उठान कोटेदार हर महीने करते हैं। इस व्यवस्था में यह साफ रहे कि एसएफसी के पास उपलब्ध अनाज किस माह का है, इसके लिए उसे हर महीने कोड नंबर जारी किया जाता है, जिसे एसएफसी को अनाज के सभी बोरों पर दर्ज करना होता है। हैरानी वाली बात यह है कि जून में एसएफसी ने अनाज के किसी बोरे पर कोड नंबर ही नहीं डाले हैं। यह कोड नंबर क्यों नहीं डाले गए, इसे लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। इससे गबन की आशंका भी बनी हुई है।

हर माह इतनी मात्रा में जिले को मिलता है अनाज
कोटेदारों को देने के लिए प्रत्येक माह बीपीएल योजना के तहत 1102.830 टन गेहूं और 1470.470 टन चावल उपलब्ध किया जाता है। इसके अलावा अंत्योदय योजना के तहत 678.315 टन चावल और 904.420 टन चावल आवंटित किया जाता है। इसके अलावा एपीएल योजना का अनाज भी समय-समय पर अनाज आवंटित होता है।

डीएसओ की छापामार कार्रवाई में हुआ खुलासा
डीएसओ नीरज सिंह ने एसएफसी के कई गोदामों पर छापामार कार्रवाई कर यह खुलासा किया था कि इस माह के सरकारी अनाज के बोरों पर कोड नंबर नहीं डाले गए हैं। उन्होंने इसकी रिपोर्ट डीएम मयूर माहेश्वरी को भेज दी है, ताकि इस मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा सके।

अभी यह साफ नहीं है कि सरकारी बोरों पर कोड नंबर न डालकर एसएफसी की लापरवाही है या गबन। अगर अनाज आवंटित कर दिया गया है लेकिन कोड नंबर नहीं पड़े हैं तो यह लापरवाही होगी। जबकि अगर कोड नंबर भी नहीं पड़े हैं और अनाज भी नहीं आवंटित हुआ तो गबन हो सकता है। इसकी गोपनीय जांच कराई जा रही है।
मयूर माहेश्वरी, डीएम

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