मैसेज से मिलेगी किसानों को खाद की जानकारी

Badaun Updated Thu, 28 Jun 2012 12:00 PM IST
बदायूं। किसानों से खाद होने के बाद भी उपलब्धता न होने की गलत जानकारी देने के समितियों के दिन लदने वाले हैं। जिले में जल्द ही डिजिटल उवर्रक वितरण प्रणाली (डीएफडीएस) लागू होने वाली है। इसके बाद किसानों को एसएमएस के माध्यम से समिति पर उवर्रक की उपलब्धता की जानकारी दी जाएगी।
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए कृषि विभाग ने करीब एक लाख किसानों का डोर-टू-डोर सर्वे कराया है, जिसमें किसानों के नाम, पते, मोबाइल नंबर के साथ ही यह ब्योरा भी तैयार किया गया है कि उन्हें कब और कितनी खाद की जरूरत पड़ेगी। इसी आधार पर प्रशासन यहां खाद की मांग भी तैयार करेगा। डीएफडीएस व्यवस्था के तहत जिले में एक कम्प्यूटर सर्वर रखा जाएगा। पीसीएफ और सहकारी समितियों को एक हेंड हेल्ड कम्प्यूटर (एचएचसी) दिया जाएगा। इस व्यवस्था के तैयार होने के बाद जिन किसानों के सर्वे और उनकी डाटा फिडिंग तैयार की जा रही है। उसके बाद पीसीएफ और सहकारी समितियों के पास जैसे ही खाद आपूर्ति होगी, इसकी जानकारी एसएमएस के जरिए किसानों को भेज दी जाएगी।

समन्वित खेती का विकसित हो रहा प्रारूप
जिले में कृषि जोत का आकार घट रहा है। इसे देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र उझानी पर एक एकड़ भूमि पर एक समन्वित कृषि प्रणाली का प्रारूप विकसित किया जा रहा है, जिसमें कृषि फसलों के साथ सब्जियों, मसालों, मत्स्य पालन, पशुपालन और वर्मी व नेडप इकाई विकसित की जा रही है।

डीएफडीएस लागू होने के बाद उवर्रक वितरण में समयबद्घता और पारदर्शिता तो आएगी ही, साथ ही किसानों को भी खाद पाने के लिए मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी।
यूबी सिंह गौतम, उप कृषि निदेशक

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