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आधे रास्ते में ही दम तोड़ गई घर की खुशी

Badaun Updated Tue, 26 Jun 2012 12:00 PM IST
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मुन्नालाल गुप्ता
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दातागंज (बदायूं)। दातागंज के कटरी इलाके के शेरपुर गांव से आजमगढ़ से दुल्हन लाने को गई बारात लखनऊ से वापस आ गई। हादसे में दूल्हे के भाई और भतीजे समेत तीन लोगों की मौत ने खुशी को गम में तब्दील कर दिया। उधर आजमगढ़ में शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। घराती बारातियों का इंतजार कर रहे थे, दुल्हन हाथों में मेहंदी लगाए बैठी थी, मंगलगीत चल रहे थे। इस बीच अमंगल की सूचना पहुंची तो वहां भी मातम का माहौल हो गया। खबर दी गई कि अब बारात नहीं आएगी। किसी अगली तिथि में उसी लड़की से लालू की शादी की जाएगी।
गांव के रामपाल सिंह के पुत्र लालू का विवाह रविवार को होना था। दूरी के चलते शनिवार की शाम को ही बाराती दो वाहनों से निकल लिए। लखनऊ पहुंचने से पूर्व पलटी जीप में दर्जनभर घायल हुए और दूल्हे के भाई एवं भतीजे समेत तीन लोगों की मौत हो गई। घायलों में पांच अभी भी गंभीर हालत में लखनऊ के ट्रामा सेंटर में भर्ती हैं।
हादसे के बाद आधे रास्ते से लौटती बारात फिर आजमगढ़ में उसी लड़की से विवाह करने को जाएगी या नहीं इस बात की चिंता दोनों गांवों में लोगों को सताती रही। लालू का यह विवाह उसी के भाई कल्यान के ससुराल वालों की मध्यस्थता से तय हुआ है। कल्यान का विवाह आजमगढ़ के चेरापुर गांव के ही बगल में हुआ है।

गांव में नहीं जले चूल्हे
शेरपुर गांव से गई बारात की पिकअप जीप लखनऊ पहुंचने से पूर्व पलटने से हुई तीन लोगों की मौत के बाद शवों का पोस्टमार्टम लखनऊ में हुआ। वहां से घरवाले धनपाल, रजत और तसब्बुर का शव लेकर सोमवार की तड़केगांव पहुंचे। गमगीन माहौल में शाम को दो शवों का दाह संस्कार हुआ और तसब्बुर का शव सुपुर्द-ए-खाक किया गया। शेरपुर गांव के प्रधान डॉ. मोरपाल सिंह ने बताया कि पूरे गांव में शोक की वजह से चूल्हा तक नहीं जला है।

निकले थे दुल्हन लाने लौटे अपनों के शव लेकर
रामपाल सिंह को क्या पता था कि वह लालू की दुल्हन के साथ घर की खुशियां नहीं बल्कि अपनों के शव लेकर वापस लौटेंगे।

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