मुख्यमंत्री दरबार में पहुंची शिक्षामित्र, जांच शुरू

Badaun Updated Tue, 26 Jun 2012 12:00 PM IST
बदायूं। बेसिक शिक्षा विभाग हर काम में फिसड्डी है। चाहे वह योजनाओं का संचालन हो या फिर शिकायतों का निस्तारण। एक महिला शिक्षामित्र ने समस्या का समाधान न होने पर मुख्यमंत्री के दरबार में गुहार लगाई। आरोप है कि उसको दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया, लेकिन परीक्षा में शामिल नहीं किया गया। शिकायत के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से इसका जवाब मांगा गया तो जांच शुरु हो गई है। बताया जाता है कि शिकायत को झूठा साबित किए जाने की तैयारी की जा रही है।
अंबियापुर ब्लाक के प्राथमिक स्कूल नैरमई खुर्द में तैनात शिक्षामित्र संतोष कुमारी इसी माह जनता दरबार में पहुंची। उन्होंने शिकायती पत्र दिया। कहा कि दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से प्रशिक्षित किए जाने के उपरांत परीक्षा में उन्हें शामिल नहीं किया गया। इससे उसका नई प्रक्रिया का लाभ नहीं मिलेगा। शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय के कंप्यूटर संख्या 5017986 में दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने विभाग के उच्चाधिकारियों से इसका जवाब मांगा तो सर्व शिक्षा अभियान की वरिष्ठ विशेषज्ञ मीना शर्मा ने बीएसए से जवाब मांगा है। इसकी जांच बीएसए ने अंबियापुर खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी है।
नियम है कि जिस शिक्षामित्र को दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया है उसे परीक्षा में शामिल किया जाना चाहिए, लेकिन इस महिला शिक्षामित्र को शामिल नहीं किया गया। सवाल उठ गया कि आखिर शिक्षामित्र को परीक्षा में शामिल नहीं किया जाना था तो उसको प्रशिक्षण के लिए क्यों और किस आधार पर चुना गया। इस संबंध में बीएसए कृपाशंकर वर्मा का कहना है कि महिला ने स्नातक की पढ़ाई रेगुलर की है जबकि नौकरी करते हुए यह नहीं किया जा सकता। यह गड़बड़ी शिक्षामित्रों की परीक्षा के दौरान पकड़ में आई है।

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