सैकड़ों मतदान से वंचित, मायूस लौटे

Badaun Updated Mon, 25 Jun 2012 12:00 PM IST
बदायूं। निर्वाचन आयोग के आदेश थे कि हर मतदाता का पहचान पत्र बनवाया जाए ताकि वह वोट देने से वंचित न रह जाए। इसके लिए पिछले दो साल से अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन सैकड़ों मतदाता वोट देने से वंचित इसलिए रह गए कि उनके नाम सूची में नहीं थे। किसी का नाम सूची में था तो उसके पास वोटर आईडी नहीं थी। कुछ ने राशन कार्ड से काम चलाया।
शहर के पटियाली सराय मतदान केंद्र पर सूरज, यादराम, हेमंत समेत तमाम लोग मतदान नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि सूची में नाम है, लेकिन वोटर आईडी नहीं हैं। नई सराय बूथ पर भी तमाम मतदाताओं को मायूस लौटना पड़ा। अब्दुल, इरफान का कहना है कि विधानसभा चुनाव में भी वोट नहीं दे पाए। निकाय चुनाव में वोट देने को वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाया, लेकिन वह आया ही नहीं। राजकीय इंटर कालेज, इस्लामियां इंटर कालेज, पार्वती कन्या संस्कृत इंटर कालेज से भी सैकड़ों मतदाताओं को मायूस लौटना पड़ा।
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बीएलओ छोड़ने लगे पसीने
निर्वाचन आयोग के सख्त आदेश थे कि बीएलओ घर-घर जाकर पर्चियां बांटेंगे, लेकिन मतदान केंद्रों के बीएलओ की टेबल पर्ची के लिए घिरी रही। तमाम मतदाता पहले पर्ची लेने को लाइन लगाकर यहां खड़े मिले, उसके बाद जाकर वोट डाले। इस लापरवाही के कारण ही मतदाताओं को पर्ची के लिए पसीना बहाना पड़ा। एक केंद्र पर कमिश्नर ने बीएलओ के पास भीड़ देखकर यह कहा कि पर्चियां घर-घर जाकर क्यों नहीं बांटी गई। इससे बीएलओ पसीने छोड़ने लगे।
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ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी वोट डालने पहुंचे
बिसौली, वजीरगंज, दातागंज, ककराला मार्ग से तमाम मतदाता वोट डालने शहर पहुंचे। वह निवासी शहर के हैं, लेकिन आवास अन्य जगह बना लिए थे। प्रत्याशी ट्रैक्टर ट्राली समेत अन्य वाहनों से मतदाताओं को लाते नजर आए।
फर्जी मतदान को भी हुए प्रयास
इस्लामियां इंटर कालेज, राजकीय इंटर कालेज, नई सराय समेत कई बूथों के बाहर तमाम लोग खड़े नजर आए। कोई अपने नाखून पर लगी स्याही हटा रहा था तो कुछ महिलाएं नेल पॉलिश करती नजर आईं।

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