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आचार संहिता के उल्लंघन में चेयरमैन पद की उम्मीदवार को नोटिस

Badaun Updated Fri, 22 Jun 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। रात दस बजे बाद सभा नहीं करने के निर्वाचन आयोग के निर्देश के बावजूद बुधवार की रात करीब 11.30 बजे रजि चौक पर पालिका चेयरमैन पद की प्रत्याशी के पक्ष में सभा चलने की सूचना पर एसपी मंजिल सैनी ने फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर टेंट, कुर्सियां, माइक आदि जब्त कर लिए। एक कार सीज कर दी और दो का चालान काट दिया। इसी रिपोर्ट पर रिटर्निंग आफीसर ने फात्मा को आचार संहिता के उल्लंघन करने पर कारण बताओ नोटिस जारी की है।
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एसपी मंजिल सैनी ने बताया कि उन्हें कहीं से खबर लगी कि शहर के मध्य में रजि चौक पर मध्यरात्रि में चुनावी सभा चल रही है, जिसमें सौ से अधिक लोग हैं। यह धारा 144 का भी उल्लंघन था। इसलिए वह खुद एसपी सिटी और सीओ के अलावा कई थानों की पुलिस लेकर पहुंचीं। पुलिस के पहुंचने तक तमाम लोग खिसक चुके थे, फिर भी मौके पर चार दर्जन से अधिक लोग दिखे। यहां एक विधायक भी मौजूद थे, उन्हीं की पत्नी के पक्ष में सभा थी। कुर्सियों की संख्या से जाहिर हो रहा था कि तमाम लोगों के बैठने का इंतजाम किया गया था। इसलिए कुर्सियां, टेंट आदि जब्त कर लिया गया। एक कार सीज इसलिए की गई क्योंकि उसका कागज नहीं था, दो का चालान काट दिया गया। आगे की कार्रवाई निर्वाचन आयोग के तहत प्रशासन को करनी थी। इसलिए रिपोर्ट प्रशासन को दे दी गई।
इस बारे में रिटर्निंग अफसर दीपेश अस्थाना की ओर से प्रत्याशी के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन में कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। यह नोटिस बदायूं नगर पालिका अध्यक्ष पद की उम्मीदवार को बृहस्पतिवार को दिया गया। इसका जवाब प्रत्याशी की ओर से शाम को आया। इसमें लिखा गया है कि यह सभा मेरी नहीं थी और न ही मौके पर मैं मौजूद थी। इस जवाब की पड़ताल हो रही है।

सभा को लेकर प्रशासन चक्कर में पड़ा
बीती रात रजि चौक में आखिर किस प्रत्याशी की सभा थी, इसे लेकर नोटिस का जवाब आने के बाद प्रशासन चक्कर में पड़ गया है। गाड़ियों का चालान या सीज करना और मौके पर मिले टेंट और कुर्सी तो आचार संहिता केउल्लंघन में जब्त रहेंगी लेकिन सभा किसकी थी, यह साबित करने में प्रशासन को पसीने आने लगे हैं। पुलिस प्रशासन को गवाही देने वाला कोई नहीं है। प्रशासन ने की गई छानबीन के आधार पर ही फात्मा को यह नोटिस जारी किया था। अब वह अपनी सभा और मौजूदगी से इंकार कर रही हैं, लिहाजा जांच का मामला भी फंस गया है।

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