गर्मी से प्रसूताओं का बुरा हाल, नहीं चलता जेनरेटर

Badaun Updated Wed, 20 Jun 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। जिला महिला अस्पताल में गर्मी से प्रसूताओं का बुरा हाल है। प्रसूताओं के अनुसार बिजली जाने के बाद जेनरेटर नहीं चलाया जाता है। जबकि डीजल पर लाखों रुपये हर माह खर्च दिखाया जा रहा है। परिवारीजन भी बरामदे और पेड़ के नीचे सिर छुपाए हुए हैं।
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अस्पताल में हर दिन 20 से 30 प्रसूताओं को भर्ती कराया जाता है। इस समय कुल भर्ती मरीजों की संख्या 50 के पार है। यह पीएनसी वार्ड, जनरल वार्ड आदि में भर्ती हैं, लेकिन इन मरीजों का दर्द कम होने के बजाय गर्मी में बढ़ रहा है। बिजली कभी आती है तो कभी नहीं। लोकल फाल्ट के कारण कई घंटे गायब रहती है। पंखे चलते भी हैं तो लो वोल्टेज के कारण उनकी हवा नीचे तक नहीं आ पाती। जेनरेटर बिजली जाने के बाद चलाया ही नहीं जाता। दिनभर मरीज पंखा झलते रहते हैं।
शेखूपुर निवासी प्रसूता रजनी, उसावां निवासी हेमवती, जगत निवासी सुंदरी का कहना है कि बिजली आती ही नहीं। जेनरेटर कभी कभार ही चलाया जाता है। गर्मी से बुरा हाल है। हमारी यहां रुकना मजबूरी है। परिवारीजन भी अस्पताल पेड़ के नीचे शरण लिए हुए हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। दिनभर पंखा झलते हैं। बुधवार को तो छुट्टी मिल जाएगी। उसके बाद कुछ राहत मिलेगी। इस संबंध में सीएमएस रेखा रानी से कई बार संपर्क किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया।
तेल में हो रहा खेल
विभागीय सूत्रों का कहना है कि जेनरेटर के लिए लाखों रुपये हर माह डीजल के लिए मिलते हैं, लेकिन यह रकम मरीजों के काम नहीं आ रही है। उनका गर्मी में दम घुट रहा है, पर जेनरेटर नहीं चलता। लोगों का कहना है कि सिर्फ कागजों में ही डीजल खर्च दिखाया जा रहा है। यह रकम ऊपर तक अधिकारियों के पास जा रही है। इसमें बंदरबांट होता है।
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