जिले में लाभार्थियों की संख्या होगी 25 हजार पार

Badaun Updated Wed, 20 Jun 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। अब बेरोजगारी भत्ता के लिए लाभार्थियों को अपने माता-पिता, सास-ससुर का आय प्रमाण पत्र नहीं लगाना होगा। शासन ने भत्ता के लिए जो गाइड लाइन तैयार की थी उसमें संशोधन कर दिया है। इस लाभ में 15 मार्च की जगह 15 अप्रैल तक पंजीकरण कराने वालों को शामिल किया गया है। वह अपने प्रमाण पत्र बनवाने में जुटे हैं। मूल निवास की जगह अब लाभार्थी सामान्य निवास प्रमाण पत्र सेे काम चला सकेंगे। इन शर्तों की पूर्ति करते हुए जिले भर से एक ही दिन में 89 फार्म आए हैं। जिले में 25 हजार से अधिक पात्र होंगे।
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विदित हो कि समाजवादी पार्टी ने विधानसभा चुनाव के दौरान बेरोजगारी भत्ता देने के ऐलान किया था। इसके लिए एक हजार रुपये हर माह देना तय हुआ था। जैसे ही सरकार बनी तो सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण कराने वालों की लाइन लग गई। लगभग दो माह तक चले इस कार्य में 38 हजार लोगों ने पंजीकरण कराया। जनवरी माह तक पंजीकरण की संख्या 11 हजार थी। अप्रैल माह के बाद भी पंजीकरण जारी रहे और संख्या 47 हजार का आंकड़ा पर कर गई।
उसके बाद शासन ने भत्ता देने के लिए गाइड लाइन तैयार की गई। इसमें लाभार्थी को अपने माता-पिता या सास-ससुर का आय प्रमाण पत्र मांगा गया। जिसकी सीमा डेढ़ लाख थी। मूल निवास प्रमाण पत्र के अलावा आवेदक के परिवार का आय प्रमाण पत्र भी मांगा गया था। 15 मार्च तक पंजीकरण कराने वालों को लाभ के दायरे में रखा गया था। यह शर्तें रखी गई तो तमाम लोग इस लाभ से दूर होने लगे। मामला उठा तो शासन को गाइड लाइन में परिवर्तन करना पड़ा।
जिला सेवायोजन अधिकारी सीसी दुबे ने बताया कि संशोधित गाइड लाइन विभाग को मिल गई हैं। नए नियमों से लाभार्थियों की संख्या बढ़ेगी। लोग फोटो स्टेट या नेट से फार्म डाउनलोड कर जमा करा सकते हैं। पुराना नियम यह लागू रहेगा कि आवेदक की आय सालाना 36 हजार से अधिक न हो। उसका प्रमाण पत्र देना होगा। उम्र सीमा 30 से 40 के बीच ही रहेगी। उन्होंने बताया कि 25 हजार से अधिक लोगों को इसका लाभ मिलेगा। इसकी सूची तैयार की जाएगी।
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