फिर सैकड़ों सरकारी स्कूल मिलेंगे सुविधाविहीन

Badaun Updated Tue, 19 Jun 2012 12:00 PM IST
बदायूं। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि सरकारी स्कूलों में पेयजल कोे हैंडपंप, शौचालय और पहुंचने के लिए संपर्क मार्ग की सुविधा हो, लेकिन नए शिक्षा सत्र में जिले के 545 विद्यालयों में यह सुविधा बच्चों को नहीं मिलेगी। कहीं शौचालय हैं तो पानी की व्यवस्था नहीं और कहीं संपर्क मार्ग हैं तो शौचालय नहीं। उम्मीद थी कि इस साल नए सत्र से पहले व्यवस्था टंच होगी, पर ऐसा नहीं हुआ। जबकि करोड़ाें रुपये इस कार्य के लिए शासन से अवमुक्त हो चुका है। महकमे के अधिकारियों का कहना है कि संबंधित विभागों को इन कार्य के लिए सूची सौंप दी गई है।
जिले में प्राइमरी और उच्च प्राइमरी स्कूलों की संख्या लगभग 2600 है। सर्व शिक्षा अभियान की विभिन्न योजनाओं के तहत हर स्कूल में सुविधाएं मुहैया कराने को करोड़ों रुपये आए, लेकिन यह पानी की तरह बहा दिए गए। तमाम विद्यालय आज भी सुविधाविहीन है। यही कारण है कि बच्चों को प्यास लगे या शौच, उन्हें घर दौड़ लगानी पड़ती है। 170 विद्यालयों के हैंडपंप लघु मरम्मत मांग रहे हैं और 135 में रिबोर होना है। 65 विद्यालय ऐसे हैं जिनमें शौचालय टूट गए। बताया जाता है कि इनकी संख्या अधिक है, लेकिन विभाग ने आंकड़ेबाजी कर कम दिखाए गए हैं।
संपर्क मार्ग 175 विद्यालयों में नहीं हैं। इसमें उसावां में 26,दातागंज दस, समरेर 18, सहसवान 35, कादरचौक 13, बिसौली, वजीरगंज एक-एक, म्याऊ 21, अंबियापुर 12, जगत 11, दहगवां 18 और आसफपुर के नौ विद्यालय शामिल हैं। इन स्कूलों के बच्चे ऊबड़-खाबड़ रास्ता तय कर पहुंचते हैं। बरसात के मौसम में तो यहां से निकलना भी बच्चों का दूभर हो जाता है। बीएसए कृपाशंकर वर्मा का कहना है कि डीएम के आदेश पर डीपीआरओ को स्कूलों की सूची दे दी गई है जिसमें ये सुविधाएं नहीं हैं। शीघ्र ही कार्य पूरा होगा।

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23 जून 2018

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