दुलर्भ जीवों की तस्करी से जिला भी नहीं रहा अछूता

Badaun Updated Tue, 19 Jun 2012 12:00 PM IST
अभिषेक सक्सेना
बदायूं। सिविल लाइंस इलाके में रविवार की रात 13 कछुओं के साथ तीन तस्करों की गिरफ्तारी जैसा मामला प्रकाश में आने के साथ ही इस बात की भी पुष्टि हुई है कि यह जिला भी दुलर्भ जीवों की तस्करी से अछूता नहीं रह गया है। जिले में बढ़ रही तस्करों की चहलकदमी का सुबूत इन तीन तस्करों की गिरफ्तारी के अलावा लगभग डेढ़ साल पूर्व सदर कोतवाली की लालपुल पुलिस चौकी के पास दुलर्भ प्रजाति के दोमुहे सांप के साथ एक युवक की गिरफ्तारी है। कछुए और दोमुहे सांप के अलावा काली बिल्ली भी तस्करों के निशाने पर है।
प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी के लिए बदनाम बदायूं में अब दुर्लभ जीवों के तस्करों ने भी अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया है। तस्करों ने देहात क्षेत्रों के बेरोजगार युवकों को अपने नेटवर्क में शामिल कर लिया है। इन युवकों से गिरोह के सरगना दुर्लभ जीव पकड़वा लेते हैं और बाद में इन जीवों को सस्ते दामों पर खरीदकर इन्हें अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में महंगे दामों पर बेचा जाता है।
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इसलिए होती है तस्करी
दुलर्भ जीवों के अंगों से कीमती दवाइयां बनती हैं। चूंकि सरकार द्वारा इन जीवों की हत्या करने पर प्रतिबंध लगाया गया है, ऐसे में अब चोरी छिपे इनकी तस्करी हो रही है। इसके अलावा कुछ लोग इन जीवों को खाने के लिए भी मुंहमांगे दामों में खरीदते हैं। चर्चा यह भी है कि इन जीवों को तांत्रिक भी खरीदते हैं।
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पहले कच्ची दारू अब तस्करी का धंधा
कछुओं के साथ पकड़े गए तीनों तस्कर शहर से सटे गांव मीरासराय के रहने वाले हैं। छह महीना पहले तक यह गांव आबकारी विभाग की सूची में दर्ज था। इस गांव में कच्ची दारू बनाने का धंधा चलता था। छह माह पूर्व गांव के लोगों ने आबकारी विभाग की टीम को बुलाकर कच्ची शराब न बनाने का संकल्प लिया था, साथ ही उनके पास मौजूद शराब और भारी मात्रा में लहन भी बरामद करा दिया था। इसके बाद इस गांव में कच्ची दारू बनाने का धंधा बंद हो चुका है। आबकारी टीम ने भी कई बार दबिश दी लेकिन वहां शराब नहीं मिली लेकिन यह बात सोमवार को सामने आई है।

दुलर्भ जीवों की तस्करी रोकने के लिए वन विभाग है, फिर भी अपने स्तर से लगातार चेकिंग करवा रहे हैं। इसी चेकिंग से हमने झपटमार गिरोह का सदस्य पकड़ा था, जबकि रविवार को तीन तस्कर पकड़े गए हैं। चेकिंग जारी है, दुलर्भ जीवों की तस्करी नहीं होने दी जाएगी।
पियूष श्रीवास्तव, एएसपी सिटी

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