दस महीने में हुए 60 दुकानों के पंजीकरण

Badaun Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
सुशील कुमार
बदायूं। खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 इसलिए लागू किया गया था कि राजस्व अधिक मिलने के साथ-साथ दुकानदारों की मनमानी पर भी अंकुश लगे सके और लोगों को राहत मिल सके, लेकिन खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग इस कानून का पालन कराने में असफल साबित हो रहा है। यही कारण है कि दस माह में महज 60 दुकानों के ही पंजीकरण हुए हैं। इनमें से 48 दुकानदारों को लाइसेंस जारी किए गए हैं। जबकि शहर समेत जिले भर में दुकानों की संख्या 36 हजार के पार है। विभाग के आंकड़ों में शहर में दुकानों की संख्या दो हजार ही है। अधिनियम के तहत पंजीकरण के लिए आखिरी माह अगस्त है। उसके बाद दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन विभाग ने इसके लिए सर्वे भी शुरु नहीं किया है।
पिछले साल अगस्त माह में लागू हुए अधिनियम के तहत जिलेभर में खुली दुकानों का पंजीकरण किया जाना था। पंजीकरण के लिए दुकानदारों को एक फार्म भरना था और सौ रुपये शुल्क के रुप में जमा करने थे, लेकिन विभाग के खाते में महज पंजीकरण के नाम पर छह हजार रुपये ही आए। इसके अलावा सालाना टर्नओवर के हिसाब से टैक्स देना शामिल है। यदि दस लाख का सालाना टर्नओवर किसी दुकान का है तो उससे दो हजार रुपये से लेकर साढ़े सात हजार रुपये तक जमा करने पड़ेंगे, लेकिन इसका शुल्क अभी तक जमा नहीं हुआ है। विभाग को पहले सर्वे करके दुकानों का पता लगाया जाना था, लेकिन यह कार्य भी नहीं किया जा सका।
नियम है कि यदि किसी दुकान का पंजीकरण नहीं होता है या फिर लाइसेंस नहीं है तो दुकानदार को एक लाख रुपये तक जुर्माना देना पड़ेगा और छह माह की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है, लेकिन विभाग ने यह कार्रवाई भी शुरु नहीं की। अभिहीत अधिकारी संजय शर्मा का कहना है कि अगस्त माह पंजीकरण के लिए आखिरी महीना है। उसके बाद दुकानदारों पर कार्रवाई होगी।

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