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दांव पर लगी है 27 हजार टन गेहूं की सुरक्षा

Badaun Updated Sun, 17 Jun 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। पहले खरीद में लापरवाही और अब खरीदे गए गेहूं की प्रशासन सुरक्षा नहीं कर पा रहा है। करीब 27 हजार टन से भी ज्यादा गेहूं पूरी तरह से क्रय केंद्रों पर खुले में पड़ा है। इस गेहूं की सुरक्षा के प्रति लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बरसात का मौसम भले ही शुरू होने वाला हो लेकिन अभी तक क्रय केंद्रों को पॉलीथिन मुहैय्या नहीं कराई गई है और न ही प्रशासन की ओर से अभी तक इस बाबत कोई कारगर कदम उठाए गए हैं।
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बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और किसानों के नाम पर फर्जी आंकड़ेबाजी से वैसे भी गेहूं खरीद की पारदर्शिता तार-तार है। इधर, भंडारण की धीमी रफ्तार ने 27 हजार टन से भी ज्यादा गेहूं की सुरक्षा दांव पर लगा दी है। सरकारी क्रय केंद्रों पर 27 हजार 216 टन गेहूं खुले में पड़ा हुआ है। बारिश का मौसम भले ही आने वाला हो लेकिन प्रशासन ने अभी तक इस गेहूं की सुरक्षा को लेकर कोई सख्त कदम नहीं उठाए हैं। क्रय केंद्रों पर खुले में पड़े गेहूं के लिए अभी तक क्रय केंद्रों को पॉलीथिन तक मुहैया नहीं हो सकी है। ऐसे में बारिश हुई तो खुले में रखे गेहूं की सुरक्षा कैसे होगी, इसकी कोई चिंता गेहूं खरीद से जुड़े अफसरों को नहीं है।
बरेली स्टोरेज शुरू होने के बाद और बढ़ी दिक्कत
जिले के पड़ौवा, बदायूं मंडी, उझानी व वजीरगंज के सरकारी गोदाम फुल हो चुके हैं। करीब सप्ताहभर पहले गेहूं का भंडारण बरेली के बारीनगला व नरियावल के राज्य भंडारण निगम (एसडब्ल्यूसी) के गोदामों में किया जा रहा है। वैसे तो बदइंतजामी यहां पहले भी थी, जब यहीं भंडारण हो रहा था लेकिन बरेली में स्टोरेज शुरू होने के साथ ही गेहूं भेजने का काम और ज्यादा धीमा हो चुका है, जिससे क्रय केंद्रों पर बड़ी मात्रा में गेहूं बरेली भेजने के लिए अभी खुले में पड़ा है।

बफर गोदाम में पर्याप्त पॉलीथिन होने का दावा
क्रय केंद्रों पर हजारों क्ंिवटल गेहूं की सुरक्षा भले ही दांव पर लगी हो और इसके बावजूद क्रय केंद्रों के पास गेहूं को बचाने के लिए पॉलीथिन न हो लेकिन जिला खाद्य एवं विपणन विभाग का तो यही दावा है कि उसके बफर गोदाम में पर्याप्त पॉलीथिन व तिरपाल उपलब्ध हैं। क्रय केंद्र खुद ही पॉलीथिन लेने नहीं पहुंच रहे हैं।

सिर्फ निर्देश जारी कर पूरी कर ली जिम्मेदारी
खुले में पड़े गेहूं की सुरक्षा को कदम उठाने के बजाय हाल ही में जिला गेहूं खरीद अधिकारी/एडीएम राजस्व ने सिर्फ यह निर्देश जारी कर जिम्मेदारी पूरी कर ली कि बरसात के आने वाले मौसम को देखते हुए केंद्र प्रभारी पॉलीथिन की व्यवस्था कर लें, नहीं तो गेहूं को होने वाले नुकसान के लिए वे ही पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे।
सूची--------
क्रय केंद्रों पर खुले में पड़े गेहूं की एजेंसीवार रिपोर्ट
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एजेंसी खुले में रखा गेहूं (टन)
विपणन शाखा 12493
पीसीएफ 7367
एसएफसी 2855
यूपीएसएस 2570
यूपीएग्रो 513
कर्मचारी कल्याण निगम 1144
नैफेड 268
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कुल 27216
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गेहूं की सुरक्षा को लेकर क्रय प्रभारियों को निर्देशित किया जा सकता है। पॉलीथिन पर्याप्त उपलब्ध भी है। इसलिए कोई दिक्कत वाली बात नहीं है।
रवि गौतम, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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