बरसात सिर पर अब प्रशासन खोज रहा हाइड्रेंट

Badaun Updated Sat, 16 Jun 2012 12:00 PM IST
बदायूं। बीेते तीन महीनों में जिला आग की लपटों से घिरा रहा। एक मार्च से शुरू होने वाले फायर सीजन में शहर समेत देहात इलाकों में आग लगने की दर्जनों घटनाएं हो चुकी हैं। अब बरसात सिर पर है तो प्रशासन की नींद टूटी और हाइड्रेंट खोजना शुरू कर दिया है। डीएम ने पिछले दिनों पुलिस महकमे के अधिकारियों से शहर में हाइड्रेंट की सूची और उनकी स्थिति की जानकारी मांगी है। यह तो संयोग है कि मानसून केरल में पांच दिन विलंब से पहुंचा, अन्यथा अब तक बारिश शुरू हो गई होती।
तेज धूप और गर्म हवाओं के मौसम में जरा सी चिंगारी भी भीषण आग का रूप ले लेती है। प्रशासन को भी इसकी जानकारी थी। बावजूद इसके दमकल विभाग को आग बुझाने के संसाधन और पर्याप्त स्टाफ मुहैया नहीं कराया गया। ऐसे में महज दो पुरानी गाड़ियों और चंद सिपाहियों के बलबूते दमकल विभाग आग की घटनाओं पर काबू पाने का जिम्मा लिए रहा। नतीजतन शहर में इस सीजन में आग लगने की 9 घटनाएं हुईं और देहात क्षेत्रों में लगभग 42 ऐसी घटनाएं हुईं, जिनमें सैकड़ों घर उजड़ गए और किसानों की सैकड़ों बीघा फसल नष्ट हुई।
आग से होने वाली तबाही का मंजर प्रशासन देखता रहा और जब बरसात सिर पर है तो शहर में दमकल विभाग के हाइड्रेंट की सुध आई है। डीएम मयूर माहेश्वरी ने पुलिस महकमे के अधिकारियों को हाइड्रेंट की स्थिति की जानकारी मांगी है। एफएसओ सत्यपाल भाटी ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश पर सूची बनाकर सौंप दी है। एएसपी सिटी पियूष श्रीवास्तव ने बताया कि हाइड्रेंट की स्थिति की जानकारी मिल गई है। अधिकारियों के निर्देश पर हाइड्रेंट सही कराए जाएंगे।
18 में पांच हैं दुरुस्त
शहर में आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए विभिन्न इलाकों में दमकल विभाग के 18 हाइड्रेंट हैं। इनमें केवल पांच चालू हालत में हैं, शेष 13 हाइड्रेंट दमकल विभाग के कागजों में तो हैं लेकिन सच के धरातल पर ये हाइड्रेंट अतिक्रमण की जद में आकर जमीन में दब गए हैं। जबकि कुछ खराब पड़े हुए हैं।

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