पति और पत्नी दोनों ले रहे आवास भत्ता

Badaun Updated Thu, 14 Jun 2012 12:00 PM IST
अनूप गुप्ता
बदायूं। यदि दंपति सरकारी नौकरी कर रहे हैं तो पति और पत्नी में से एक को ही आवास भत्ता (एचआरए) दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन शिक्षा विभाग के एक खंड शिक्षा अधिकारी और उनकी शिक्षक पत्नी वर्षों से दोनों एचआरए ले रहे हैं। मामला प्रकाश में आया तो बीएसए कृपाशंकर वर्मा ने महिला शिक्षक से भत्ते के रुप में छह साल में लिए 59,800 रुपये की रिकवरी करने के आदेश दिए हैं। भत्ता पर भी रोक लगाने के लिए वित्त एवं लेखाधिकारी को लिखा है। उनके वेतन से हर माह दो हजार रुपये की दर से कटौती होगी।
इस्लामनगर के खंड शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह (बीईओ) हैं और उनकी पत्नी प्रज्ञा शर्मा जो वर्तमान में उच्च प्राथमिक स्कूल बरखेड़ा में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। यह दोनों वर्षों से एचआरए का लाभ ले रहे हैं। बीएसए ने बीईओ को लिखे पत्र में कहा है कि 16 अप्रैल को अवगत कराया गया था कि आप स्वयं और आपकी पत्नी प्रज्ञा शर्मा द्वारा एचआरए लिया जा रहा है। इस संबंध में आपसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया था परंतु आप द्वारा न ही आज तक यह दिया गया और न ही आवास भत्ते की वसूली के संबंध में कोई जानकारी दी गई है।
इसलिए कार्यालय को यह अवगत कराना सुनिश्चित करें कि आपकी शादी किस तिथि को हुई है, ताकि उसी तिथि से आवास भत्ते की वसूली की जा सके। आप द्वारा स्पष्टीकरण न दिए जाने के कारण आपकी पत्नी का आवास भत्ता रोका जाता है तथा माह जनवरी 2007 से मई 2012 तक 920 रुपये प्रतिमाह आवास भत्ता लिए जाने की कुल धनराशि 59,800 होती है, जिसकी वसूली आपकी पत्नी के वेतन से दो हजार रुपये प्रतिमाह की दर से माह जून 2012 से जो जुलाई में देय होगा, के वेतन से कटौती प्रारंभ की जाएगी।

कई बीईओ और ले रहे हैं लाभ
कई बीईओ इस कड़ी में और शामिल हैं, जो पति-पत्नी दोनों लाभ ले रहे हैं। यह खेल वर्षों से जारी है। इसकी अधिकारियों को भी भनक है, लेकिन वह भी मामला दबा रहे हैं। सवाल यह उठता है कि वर्षों से बीईओ दंपति का एचआरए कैसे निकलता रहा। सूत्र बताते हैं कि यह खेल अधिकारियों की सांठगांठ से चलता रहा।

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