रंगाई-पुताई को आई रकम से खरीद लिए सिलेंडर

Badaun Updated Wed, 13 Jun 2012 12:00 PM IST
बदायूं। नया शिक्षा सत्र जुलाई माह में शुरु होगा। ऐसे में विद्यालयों की रंगाई-पुताई के आदेश दिए गए थे। इसके लिए पिछले दिसंबर माह में रकम भी भेजी गई थी, लेकिन तमाम स्कूल आज भी खंडहर ही नजर आ रहे हैं। बताया जाता है कि रंगाई-पुताई को आई रकम विद्यालय प्रशासन ने अन्य सामान खरीदने में लगा दी है। इसमें टाट पट्टी, सिलेंडर शामिल हैं। जबकि इस सामान की खरीद के लिए महकमे ने अलग से रकम भेजी थी। यही कारण है कि अभी तक महकमे को उपभोग प्रमाण पत्र भी नहीं मिले हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत दर्जनभर से अधिक योजनाएं संचालित हैं, लेकिन इनका लाभ बच्चों को नहीं मिल पाता। इसी कड़ी में स्कूलों की रंगाई-पुताई की योजना है। नियमत: स्कूल खुलने से पूर्व सबको चमकानेे के निर्देश हैं। ताकि बच्चे आकर्षित हो सकें। माहौल भी बच्चों के लिए उनके अनुसार बनाना होता है। बेसिक शिक्षा परिषद ने पहले कहा था कि स्कूल का माहौल अच्छा होगा तो बच्चों का मन लगेगा और वह स्कूल में डटे रहेंगे, लेकिन जिले के तीन हजार स्कूलों में से चार सौ से अधिक स्कूल ऐसे हैं जिनकी रंगाई-पुताई नहीं हुई। इसमें जगत, आसफपुर, बिसौली, समरेर, सहसवान, म्याऊ, उझानी, कादरचौक आदि ब्लाक के विद्यालय शामिल हैं। कुछ स्कूलों को मिली पांच हजार की रकम से अन्य सामग्री खरीद ली गई। महकमे के अधिकारियों ने जिले के तीन हजार स्कूलों में भेजी लगभग दो करोड़ की इस रकम का उपभोग भी लेना उचित नहीं समझा। सूत्र बताते हैं कि इस रकम में खेल हुआ है। कई अधिकारी भी इसमें शामिल हैं।
बीएसए कृपाशंकर वर्मा का कहना है कि कुछ विद्यालयों में रंगाई-पुताई की रकम अन्य काम में लगा दी गई है। उनकी जांच कराई जाएगी। जिन स्कूलाें में पुताई नहीं हुई है उनकी सूची बनाई जा रही है।

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