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आपातकालीन कटौती से शहरियों का जीना मुहाल

Badaun Updated Wed, 13 Jun 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। शहर की बिजली आपूर्ति का शेड्यूल हवा-हवाई साबित हो रहा है। सोमवार की रात हुई चार घंटे की अघोषित कटौती के चलते लोग चैन की नींद नहीं ले पाए। वहीं दूसरे दिन मंगलवार को दिन में सात घंटे कटौती रही। अधिकारियों का कहना है कि लखनऊ कंट्रोल रूम से आपातकालीन कटौती हो रही है। बिजली कब आएगी और कब जाएगी, इसकी जानकारी देना मुश्किल है।
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शहर के लिए बिजली आपूर्ति केलिए 22 घंटे का शेड्यूल निर्धारित किया गया है। इसके तहत दिन में चार से छह बजे तक कटौती होती है, शेष समय आपूर्ति मिलना चाहिए लेकिन कटौती के निर्धारित समय पर आपूर्ति गुल हो जाती है और शेड्यूल के मुताबिक बिजली नहीं मिल पाती। दो दिन से लखनऊ कंट्रोल रूम से आपातकालीन कटौती शुरू कर दी गई है। ऐसे में बिजली आपूर्ति का हाल और बदतर हो चला है।
बिजली आने और जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। गर्मी में आपूर्ति न मिलने से जहां एक तरफ शहर के लोगों का घरों में रुकना मुहाल हो रहा है, वहीं रात्रिकालीन अघोषित कटौती से आपराधिक वारदातों की आशंका बनी हुई है। एसडीओ लोकेश चंद्र जुनेजा ने बताया कि लखनऊ से आपातकालीन कटौती की जा रही है। स्थानीय स्तर से पूरी सप्लाई दे रहे हैं।

देहात को मात्र 10 घंटे की सप्लाई
देहात क्षेत्रों को 24 में मात्र 10 घंटे की सप्लाई का शेड्यूल बनाया गया है। इसकेतहत सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक गांवों में बिजली पहुंचेगी, इसके बाद वहां की सप्लाई बंद कर दी जाएगी।

चार घंटे की आपूर्ति से लोग बेहाल
रुदायन। कस्बा की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। वहीं मच्छरों की संख्या में इजाफा हो गया है। दिन में तो लोग जैसे-तैसे गुजारा कर लेते हैं लेकिन रात को होने वाली कटौती ने नागरिकों की नींद हराम कर रखी है। 24 में महज चार से छह घंटे की आपूर्ति मिल रही है, उसमें भी लो वोल्टेज और लोकल ट्रिपिंग का दौर जारी रहता है। इस्लामनगर उपकेंद्र के जेई आशीष कुमार का कहना है कि बिजली घर में नहीं बनती। जितनी आपूर्ति मिल रही है, उतनी दी जाती है। स्थानीय स्तर पर कटौती नहीं कर रहे।

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