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शौचालयों के सत्यापन की जांच को दिल्ली से आएगी टीम

Badaun Updated Tue, 12 Jun 2012 12:00 PM IST
बदायूं। जिले में वर्ष 2010-11 और 2011-12 में बने जलप्रवाहित शौचालयों के सत्यापन की समीक्षा करते हुए डीएम मयूर माहेश्वरी ने बीडीओ, एडीओ पंचायत आदि को निर्देश दिए कि शौचालय निर्माण की गांववार सूचियां उपलब्ध करा दी गई हैं, लेकिन सत्यापन कार्य अभी भी पूरा नहीं हो पाया है। यह खेद का विषय है। उन्होंने कहा कि अगले 15 दिन तक सत्यापन की शत-प्रतिशत रिपोर्ट मयफोटो सहित, लाभार्थियों के नाम पते सहित आ जानी चाहिए। क्योंकि अगले महीने दिल्ली की टीम का दौरा संभावित है। यह टीम सभी ब्लाक, गांवों में जाकर मौके पर सत्यापन करेगी। यदि किसी तरह की फर्जी रिपोर्टिंग पाई जाएगी तो संबंधित बीडीओ और एडीओ पंचायत ही उत्तरदायी होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सत्यापन जब भी होगा क्रमवार होगा। इसलिए हर शौचालय पर गांववार नंबर जरुर अंकित रहना चाहिए।
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डीएम ने यह भी चेतावनी दी कि जिन लाभार्थियों को शौचालय बनाने का पैसा उपलब्ध करा दिया गया है और अभी तक उन्होंने नहीं बनाए हैं, तोड़ लिए हैं या उनका उपयोग नहीं कर रहे हैं, कंडे, भूसा आदि भर लिया है उन्हें नोटिस जारी कर दें। उन्हें मौका दें कि वे 15 दिन के अंदर बनाकर इस्तेमाल करने लगें, यदि फिर भी न बनवाए या उपयोग न करें तो उनसे रिकवरी कराएं। डीएम ने कहा कि शुष्क शौचालय वाले लोगों के जॉबकार्ड बनवाकर उनसे मनरेगा के अंतर्गत ही काम कराएं और उनके शौचालय बनवाएं। इसके अलावा जिन स्वच्छकारों ने मैला ढोना छोड़ दिया है उन सबके विशेषकर महिला मुखिया के जाबकार्ड बनवाकर मनरेगा में काम दें।
डीएम ने कहा कि शौचालयों का सत्यापन सबसे महत्वपूर्ण काम है। इसमें लापरवाही बरतने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। डीएम ने सभी तहसीलदारों, बीडीओ से कहा कि जहां-जहां ग्राम समाज की भूमि उपलब्ध है उसकी रिपोर्ट करें। जहां-जहां अधिक संख्या में स्वच्छकार होंगे उनके पुनर्वास के लिए हर ब्लाक में आवश्यकतानुसार एक कालोनी रमजानपुर की तरह बनाई जाएगी। उनके स्वयं सहायता समूह भी बनाए जाएंगे।
बैठक में सीडीओ सूर्यपाल गंगवार ने भी चेतावनी दी कि शौचालय निर्माण के लक्ष्यों के लिए यह अंतिम अवसर दिया जा रहा है। यदि अब भी 15 दिन के अंदर नहीं बने तो उसके बाद होने वाली समीक्षा में लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई होगी। बैठक में डीडीओ, डीपीआरओ आदि रहे।

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